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लंबे इंतजार और विवादों के बाद आखिरकार कुनबी समाज संगठन का चुनाव रविवार, 28 सितंबर 2025 को संपन्न हो गया। कार्यालय रजिस्ट्रार फर्म्स और संस्थाएं की ओर से मिले निर्देशों के बाद यह चुनाव कराया गया। संगठन पर आरोप था कि उसने नियमावली की कंडिका-12 और 13 का
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रजिस्ट्रार ने संस्था को 45 दिनों के भीतर चुनाव कराने और पूरी जानकारी अधिनियम की धारा-27 के तहत ऑनलाइन दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश का पालन करते हुए रविवार को नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई टीम का गठन
चुनाव में महेश्वर धाण्डेकर अध्यक्ष चुने गए। लखाराम बेदरे उपाध्यक्ष, राधेश्याम टोंडरे सचिव और मानिक सिलारे कोषाध्यक्ष बने। संयुक्त सचिव पद पर दिनेश मिसार का चयन हुआ, जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में कुलेश्वर पारधी और रूपेश घोरमोड़े चुने गए।
जांच में उजागर हुई गड़बड़ियां
रजिस्ट्रार की जांच में पाया गया था कि संस्था की सदस्यता प्रक्रिया अधिनियम और नियमावली के अनुरूप नहीं है। न तो सदस्यता आवेदन लिए गए और न ही शुल्क की रसीदें सही तरीके से संधारित की गईं। इससे संगठन की सदस्यता वैधानिक नहीं मानी गई।
वित्तीय मामलों में भी गंभीर खामियां सामने आईं। संस्था की लेजर बुक, कैश बुक और बैंक पासबुक अधूरी मिलीं। 2022 के बाद की एंट्री दर्ज नहीं की गई थी। भवन निर्माण को लेकर भी दस्तावेज स्पष्ट नहीं थे और स्थावर संपत्ति अर्जन में अधिनियम की धारा-21 का उल्लंघन पाया गया।
नई उम्मीदें
चुनाव के बाद समाज में नई ऊर्जा का माहौल है। कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने कहा कि अब संगठन को पारदर्शी तरीके से चलाया जाएगा और समाज के हित में काम होगा। नई टीम का कार्यकाल एक साल का रहेगा, जिसके दौरान सामाजिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और संगठनात्मक गतिविधियां की जाएंगी।
रजिस्ट्रार कार्यालय ने निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि की है और संस्था को तय समय पर ऑनलाइन अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
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