छत्तीसगढ़ के धमतरी में मां तुलजा भवानी मंदिर में श्रीयंत्र का कुमकुम से अभिषेक किया गया। यह भव्य कार्यक्रम मराठा समाज की महिलाओं द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं का मानना है कि इस कुमकुम को घर में रखने से स
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धमतरी शहर के मां तुलजा भवानी मंदिर में एक दिवसीय कुमकुम अर्चन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मराठा समाज की सभी महिलाएं अपने साथ कुमकुम और श्रीयंत्र लेकर मंदिर पहुंचीं। पंडितों द्वारा घंटों तक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई।
पूजा संपन्न होने के बाद, महिलाओं ने एक-दूसरे को अभिषेक किया गया कुमकुम लगाया और उज्जवल भविष्य की कामना की। वे अपने साथ अभिषेक किया गया कुमकुम घर ले गईं।



कुमकुम शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक
मराठा समाज की महिलाओं ने बताया कि कुमकुम शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। श्रीयंत्र पर कुमकुम अर्चन करने और इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, नकारात्मकता दूर होती है। साथ ही, घर के सभी शुभ कार्यों में इस कुमकुम का उपयोग किया जाता है।
महिलाओं के अनुसार, व्यापारिक स्थानों पर श्रीयंत्र को अभिषेक करके रखने से व्यापार में वृद्धि होती है और घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है। समाज की महिलाओं ने यह भी कामना की कि इस पूजा की ऊर्जा धमतरी वासियों और पूरे देश में फैले।
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