छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में अवैध धान की तस्करी का मामला सामने आया है। जहां नायब तहसीलदार पर एमपी का धान छत्तीसगढ़ में खपाने की आरोप लगा है। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी की दूरी पर छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश की सीमावर्ती क्षेत्र के ग्राम समन
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स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वनांचल क्षेत्र रेंगाखार तहसील के नायब तहसीलदार की मौजूदगी में ही यह तस्करी रात 1 बजे कराई जा रही थी, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ा और वीडियो भी बनाया। वीडियो में तहसीलदार प्रेमनारायण साहू ने नाराजगी जताते हुए चोरी के आरोप में FIR कराने की बात भी कही।
मामला झलमला थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने धान ला रहे ड्राइवर विजय बसंत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वह एमपी के बालाघाट के ग्राम छपला, थाना बिरसा से धान लेकर आया था। जांच में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया।

इस दौरान तहसीलदार प्रेमनारायण साहू ने ग्रामीणों पर FIR करवाने की भी बात कही।
जिले में 24 चेकपोस्ट बनाए गए
बता दे कि छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो गई है। तब से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिले कवर्धा में अन्य राज्यों से अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए जिले में कुल 24 चेक पोस्ट बनाए गए है।
ग्रामीणों के मुताबिक, लापरवाह कर्मचारियों की अनुपस्थिति या मिलीभगत से जिले में अवैध धान का परिवहन रातों रात हो रहा है, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा।

गाड़ी में 44 हजार का धान लोड था, जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है।
ग्रामीणों ने 9 दिसंबर को गाड़ी रोककर वीडियो बनाया
कवर्धा जिले के वनांचल गांवों समनापुर के रास्ते रात 1 बजे के लगभग वाहन (क्रमांक CG 07 CE 4920) में अवैध धान का परिवहन किया जा रहा था, जिसे ग्रामीणों ने देखा और गाड़ी को रोककर देखा तो धान भरा हुआ था।
पूछताछ किए जाने पर चालक विजय बसंत ने मध्यप्रदेश ग्राम छपला थाना बिरसा जिला बालाघाट के धान को परिवहन किए जाने का कोई कागजात नहीं दिखा पाया, हालांकि मौके पर कवर्धा जिले के रेंगाखार तहसील के नायब तहसीलदार प्रेमनारायण साहू उपस्थित थे,
ग्रामीणों का आरोप है कि यह अवैध धान परिवहन उपस्थित नायब तहसीलदार के सह पर ही किया जा रहा था। मामला उजागर होने पर झलमला थाना पुलिस ने ड्राइवर को आरोपी बनाया है।
2 लाख 44 हजार का सामान जप्त
पुलिस ने मौके पर जप्त माल का मूल्यांकन कराया। जिसमें वाहन की कीमत लगभग 2 लाख और धान की कीमत करीब 44 हजार आंकी गई है। जिससे कुल जप्त सामान की कीमत 2,44,000 रुपए हुई। चालक को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है।
जहां उसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर पूछताछ की जा रही है। अवैध परिवहन के नेटवर्क तथा उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की जांच में जुट गई है। मामले में आगे कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बोड़ला एसडीएम का स्टेटमेंट
वायरल वीडियो पर कवर्धा पुलिस ने स्टेटमेंट जारी किया है। बोड़ला एसडीएम के मुताबिक, अवैध परिवहन पर कार्रवाई के लिए पहुंची तहसील की टीम और स्थानीय लोगों के बीच भ्रम की स्थिति होने के कारण अवैध परिवहन पर कार्रवाई नही हो पाई।
इस पर एसडीएम का कहना है कि दोनों वाहनों पर कार्रवाई की गई है तथा उन्हें जप्त कर झलमला थाने के सुपुर्द किया गया है। जांच में एक वाहन में धान और एक वाहन में कोदो होना पाया गया। जिसके बाद मंडी सचिव ने आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बोड़ला अनुविभाग के अंतर्गत अब तक अवैध परिवहन करते करीब 1451 क्विंटल धान और परिवहन में लिप्त 12 वाहन पकड़े गए हैं।
दैनिक भास्कर नहीं करता वीडियो की पुष्टि
स्थानीय युवकों ने घटना का वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें नायब तहसीलदार प्रेमनारायण साहू भी दिखाई दे रहे है, हालांकि दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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छत्तीसगढ़ में पहले दिन सिर्फ 10% केंद्रों में धान खरीदी हुई। वहीं बलरामपुर में अवैध धान से भरी पिकअप पकड़ाई है।
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। पूरे प्रदेश में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी पहले दिन मात्र 10 प्रतिशत यानि 195 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी हुई। इन केंद्रों के माध्यम से 19,464 क्विंटल धान खरीदा गया है। पढ़ें पूरी खबर…
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