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बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में सूर्य उपासना के महापर्व छठ की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच, कन्हर नदी पर बने एनीकट के गेट जल्द ही खोले जाएंगे, जिससे व्रतधारियों को पूजा में सुविधा होगी।
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रामानुजगंज सहित पूरे जिले में छठ पर्व को लेकर उत्साह है। यहां कन्हर नदी छठ पूजा का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। दोनों छोर से श्रद्धालु एकत्र होकर यह परंपरा निभाते हैं।
इस साल छठ पर्व को लेकर जल संसाधन विभाग भी सक्रिय हुआ है। दैनिक भास्कर में कन्हर नदी के एनीकट के गेट नहीं खोले जाने संबंधी खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
निरीक्षण के लिए जल संसाधन विभाग के एसडीओ जी.आर. गेंडरे, एस.के. फुलेश्वर और उप अभियंता अनीता एक्का मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और जल्द गेट खोलने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक-दो दिनों के भीतर एनीकट के गेट खोल दिए जाएंगे। इससे जल स्तर नियंत्रित होगा और व्रतधारी आसानी से पूजा संपन्न कर सकेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर गेट खोलने की मांग की थी।
कन्हर नदी के एक ओर छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु और दूसरी ओर झारखंड के गोदरमाना गांव के लोग व्रत करते हैं। ऐसे में गेट खुलने से दोनों राज्यों के श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी और पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकेगा।
रामानुजगंज में विगत कई दशकों से छठ पर्व विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। यहां की छठ पूजा देखने के लिए दूसरे प्रदेशों और छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और स्वच्छता की भी तैयारियां की जा रही हैं।
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