धमतरी में मतांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, हिंदू धर्म अपनाने के बाद हुआ दाह संस्कार
धमतरी जिले के थाना बोरई अंतर्गत ग्राम नवागांव में मतांतरित अधेड़ महिला की मौत के बाद उनके शव के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों और समाजजनों ने जमकर विरोध किया। मामले में गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और प्रशासन तथा पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी जाती रही।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम नवागांव निवासी पीयन बाई साहू, उम्र 55 वर्ष, का बुधवार शाम को निधन हो गया। उनके परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच ग्रामीणों और समाजजनों ने मृत महिला के शव के अंतिम संस्कार को लेकर कड़ा विरोध जताया। विरोध का कारण यह था कि मृत महिला और उनके परिवार ने कुछ समय पूर्व मतांतरण किया था।
गांव में माहौल खराब होने पर अंतिम संस्कार को लेकर साहू समाज और ग्राम व्यवस्था समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम समिति अध्यक्ष हेमराय साहू, सरपंच दिनेश्वरी नेताम और साहू समाज अध्यक्ष रविंद्र साहू सहित करीब 100 ग्रामीण शामिल हुए। मृतका के भाई उमेश साहू और जयंत साहू की मौजूदगी में अंतिम संस्कार को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में ग्रामीणों और समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक मृतका के परिजन हिंदू धर्म और समाज में वापसी नहीं करते, तब तक शव के दफन अथवा अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मुद्दे को लेकर गांव में तनाव बना हुआ था और समाज तथा ग्राम समिति की बैठक में अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनाने का प्रयास किया गया।
भारी बहस और विवाद के बाद मतांतरित परिवार के लोगों ने ग्रामीणों की बात स्वीकार कर ली। 10 सितंबर को मतांतरित परिवार के सदस्यों ने अंतिम संस्कार से पहले मंदिर में मत्था टेका और फिर गंगा जल पीकर हिंदू धर्म अपनाया। इसके बाद ही मृत महिला के शव का हिंदू रीति-रिवाज के साथ ग्रामीणों की भीड़ के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। अंतिम संस्कार में देरी के कारण गांव में तनाव का माहौल बना रहा, जिसे बैठक और सहमति के बाद किसी तरह शांत किया गया।




