जगदलपुर में पिता ने जीवित पुत्री का किया पिंडदान, धर्म बदलकर विवाह करने पर आजीवन परित्याग की घोषणा

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक पिता ने अपनी जीवित पुत्री सिमरन दत्ता का शास्त्रीय विधि-विधान से पिंडदान कर दिया है। यह घटना उस समय सामने आई जब पुत्री द्वारा धर्म बदलकर विवाह करने से आहत पिता सुजान दत्ता ने जीते जी उसका आजीवन परित्याग करने की सार्वजनिक घोषणा की।
पिता सुजान दत्ता ने बताया कि उनकी पुत्री सिमरन दत्ता ने धर्म परिवर्तन कर विवाह किया, जिसके बाद उन्होंने शास्त्रीय विधि-विधान से उसका पिंडदान कर दिया। पिंडदान की यह क्रिया आमतौर पर मृत्यु के बाद की जाती है, लेकिन इस मामले में जीवित पुत्री का पिंडदान किया गया।
सुजान दत्ता ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि उन्होंने अपनी पुत्री का आजीवन परित्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह अब उससे कोई संबंध नहीं रखेंगे।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बंगाली समाज ने पिता के इस कदम की सराहना की है। समाज के लोगों ने इसे धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं के अनुरूप बताया है।
जगदलपुर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पिता के इस निर्णय को लेकर विभिन्न वर्गों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बंगाली समाज द्वारा सराहना किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि समाज में इस प्रकार के कदम को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इस मामले में अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि पिंडदान एक धार्मिक क्रिया है जो सामान्यतः मृतकों के लिए की जाती है। जीवित व्यक्ति का पिंडदान करना एक असामान्य घटना है, जिसने सबका ध्यान खींचा है।
फिलहाल, इस मामले में कोई अन्य जानकारी सामने नहीं आई है। पिता सुजान दत्ता ने अपनी पुत्री सिमरन दत्ता से आजीवन परित्याग की घोषणा कर दी है।



