![]()
.
तीन जिले के खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने तांदुला बांध के मुख्य केनाल गेट को शनिवार शाम 5.30 बजे बंद कर दिया है। सिंचाई विभाग के अनुसार 18 अगस्त को मुख्य गेट खुला था। इस लिहाज से 55 दिन तक किसानों के डिमांड अनुसार पानी सप्लाई हुई।
सिंचाई विभाग के अनुसार वर्तमान में किसान पानी की डिमांड नहीं कर रहें है। पर्याप्त मात्रा में खेतों मंे पानी भरा है। इस वजह से गेट को बंद करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में तांदुला में 39.20 फीट पानी भरा है। जो निर्धारित जलभराव क्षमता(38.50 फीट) से 0.70 फीट ज्यादा है। गेट बंद होने से वेस्ट वियर से पानी बाहर निकलकर नदी में पहुंच रहा है। इसके अलावा बालोद में जल आवर्धन योजना के तहत गेट खोलकर पानी सप्लाई की जा रही है। सिंचाई विभाग के ईई पीयूष देवांगन, एसडीओ एचएल साहू ने बताया कि तांदुला में निर्धारित क्षमता से 3.20% ज्यादा पानी भरा है। दुर्ग, बालोद, गुंडरदेही, बेमेतरा, बेरला, पाटन क्षेत्र के खेतों में किसानों के डिमांड अनुसार पानी छोड़ चुके है। आगे डिमांड आने पर परिस्थिति अनुसार निर्णय लिया जाएगा। हालांकि आगे ऐसी नौबत आने की संभावना कम है।
गोंदली से 204 क्यूसेक पानी छोड़ रहे सिंचाई विभाग के अनुसार गोंदली बांध के दोनों गेट खुले है। दोनों गेट से वर्तमान में 204 क्यूसेक पानी छोड़ रहें है। धान फसल की सिंचाई के लिए एलबीसी गेट से 130 और आरबीसी गेट से 74 क्यूसेक पानी बांध से निकल रहा है। खेतों मंे पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचने के बाद जल्द गेट को बंद करने की प्लानिंग बनी है। हालांकि कब तक गेट बंद होगा। अभी विभाग ने तय नहीं किया है। गोंदली बांध में 34 फीट पानी भरा है। जो निर्धारित जलभराव क्षमता(34.10 फीट) से 0.10 फीट कम है। फिलहाल यहां का पानी बालोद व डौंडीलोहारा ब्लॉक के खेतों में पहुंच रहा है।
<
