बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत हरगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सरपंच सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए सचिव और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में हरगवां पंचायत में कुल 76 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से अब तक केवल 15 आवास ही पूरे हो पाए हैं, जबकि 12 आवास प्लिंथ या डोर लेवल तक ही बने हैं। शेष 49 आवासों का निर्माण कार्य अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है।

फर्जी मास्टर रोल से भुगतान निकालने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सचिव और रोजगार सहायक ने कई हितग्राहियों के खातों से अंगूठा लगवाकर आवास निर्माण की राशि निकाल ली। यह राशि आवास निर्माण में खर्च न होकर कथित तौर पर अन्यत्र उपयोग कर ली गई, जिससे कई जरूरतमंद परिवार आज भी पक्के मकान से वंचित हैं।
इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी बताया गया है कि आवास निर्माण न होने के बावजूद 90 दिनों की मजदूरी दर्शाकर फर्जी मास्टर रोल के माध्यम से भुगतान निकाला गया। इससे महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में भी गंभीर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत स्पष्ट है। इस संबंध में जब सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि गरीबों के हक की राशि की भरपाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएं।
इस मामले पर जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो सचिव और रोजगार सहायक से राशि की वसूली की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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