![]()
क्या बात है? 85 साल के हो गए हो, लेकिन अभी तक दांत झड़े नहीं हैं। नहीं भाई दांत नकली हैं। जब हम साथ में काम कर रहे थे, तब भी और अभी भी तुम्हारे बार काले के काले हैं? नहीं चांदी जैसे चमकने लगे हैं, काला करने के लिए मेहंदी का सहारा लेना होता है। वहीं म
.
यह बातें सेक्टर-6 जैन मंदिर में साक्षरता मित्र मंच के कार्यक्रम में सुनने को मिली, जब 90 के दशक में असाक्षर लोगों को साक्षर करने के मुहिम में जुटे कार्यकर्ता आपस में मिले। 90 के दशक में जिले में चले साक्षरता अभियान में योगदान देने वाले साक्षरता स्वयं सेवकों ने कार्यक्रम में अपनी यादें सुनाई। दिवंगत स्वयं सेवियों को याद किया गया। उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनके सम्मान में साक्षरता से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों में श्रेष्ठ काम करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के शुरुआत में 30 साल पहले एक साथ काम करने वाले साक्षरता स्वयं सेवकों ने अपने अनुभव बताए। इस अवसर पर कला जत्था के कलाकारों ने प्रेरणा गीत सुनाए। कवि शरद कोकास व कवयित्री शशि दुबे ने कविताएं सुनाई। मणिमय मुखर्जी ने साक्षरता अभियान में गाए गए गीतों के मुखड़े सुनाए। प्रसिद्ध कर्मा गायक घनश्याम सिंह ठाकुर ने स्व. कोदूराम वर्मा के गीत सुनाए। भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे भी साक्षरता कक्षा संचालित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन के साथ अभियान से जुड़े थे। रिसाली महापौर शशि सिन्हा ने कहा कि नि:स्वार्थ भावना से किए गए कार्य प्रेरणादायक होते हैं। कार्यक्रम में पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. बीएल तिवारी शामिल हुए। कार्यक्रम में पद्मश्री शमशाद बेगम, पद्मश्री डोमार सिंह कुंअर, डॉ. परदेशी राम वर्मा, डॉ. शैल वर्मा, पुन्नू यादव, डॉ. चुन्नी लाल शर्मा, प्रशांत पांडेय, मोहित शर्मा, प्रभा सुधाकर, रत्ना साहू, टिकेश्वरी देशमुख, दिनेश सिंह, रामकुमार वर्मा, अमरीश परगनिहा, घनश्याम देवांगन, ओमप्रकाश वर्मा, एमपी शुक्ला, ओम टंडन, मिथिलेश शर्मा, भोला चंद्राकर, डॉ. अंजना श्रीवास्तव, अमरचंद वर्मा, एनके साहू सहित 43 कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।
<
