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छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी होगी। हारने के बाद पद नहीं छोड़ना संवैधानिक व्यवस्था में नहीं है। दरअसल, ममता बनर्जी ने हार के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वे इस्तीफा नहीं देंगी। उनका कहना है कि उनकी नजर में यह हार नहीं है, इसलिए पद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उनके इस बयान को लेकर सियासी हचलच बढ़ गई है और संवैधानिक व्यवस्था को लेकर भी उत्सुकता बढ़ी है। सिंहदेव बोले-हारने के बाद पद छोड़ना होगा
सीएम ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री का पद नहीं छोड़ने के बयान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि हारने के बाद पद नहीं छोड़ना संवैधानिक व्यवस्था में नहीं है। पता नहीं क्या सोचकर ममता बनर्जी ऐसा कर रही है। सदन का कार्यकाल सिर्फ 5 साल का रहता है। यहां तो चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि जिन्हें चुनाव में बहुमत मिला है,राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। सिंहदेव ने कहा कि संविधान की धारा 164 में मंत्रिमंडल के गठन का प्रावधान है। उन्हीें के बीच से मुख्यमंत्री होंगे। धारा 164 में यह प्रावधान है कि गवर्नर एक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री अपाइंट करते हैं। मुख्यमंत्री की सिफारिश पर मंत्रियों को अपाइंट किया जाता है। जब तक गवर्नर की इच्छा संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत यह प्रक्रिया होती है। इसमें कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। राहुल ने भी जताई है सहमति
संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ममता बनर्जी की इस बात से सहमति जताते हुए बीजेपी पर आरोप लगाए कि इन्हीं तरीकों का इस्तेमाल लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में किया गया था। हालांकि राहुल गांधी काफ़ी पहले राज्य में बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता के लिए बनर्जी की सरकार को ज़िम्मेदार ठहरा चुके हैं।
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