कोंडागांव जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के संयुक्त प्रयासों से जिले में ‘हेलमेट बैंक’ अभियान शुर
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इस पहल के तहत ग्राम पंचायत मसौरा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हेलमेट बैंक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि वे हेलमेट पहनने को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि घर का कोई भी सदस्य जब दोपहिया वाहन से बाहर निकले, तो परिवारजन उन्हें हेलमेट पहनने की सलाह दें और बिना हेलमेट घर से बाहर न जाने दें, क्योंकि छोटी-सी सतर्कता बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है।

अभियान के तहत हाईवे किनारे पांच पंचायतों में उपलब्ध कराएंगे हेलमेट
‘हेलमेट बैंक’ अभियान के प्रथम चरण में नेशनल हाईवे-30 के किनारे स्थित उन पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जहां पिछले वर्षों में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं। इन चयनित ग्राम पंचायतों में हेलमेट बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं है, वे पंचायत से हेलमेट लेकर सुरक्षित यात्रा कर सकें और वापसी पर उसे जमा कर दें, ताकि अन्य लोग भी इसका उपयोग कर सकें।
प्रथम चरण में हेलमेट बैंक की स्थापना जनपद पंचायत केशकाल अंतर्गत मस्सुकोकोड़ा, जनपद पंचायत फरसगांव अंतर्गत मांझी आठगांव एवं लंजोड़ा, तथा जनपद पंचायत कोंडागांव अंतर्गत बनियागांव में की जाएगी। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और हेलमेट के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर जनपद पंचायत सदस्य अनिल कोर्राम, सरपंच सुकली बाई मरकाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश दांडे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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