चक्रवाती तूफान मोन्था के असर से उत्तर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बीती रात झमाझम बारिश हुई। संभाग के सभी जिलों में घने बादल छाए हुए हैं और शुक्रवार को कई स्थानों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है। मोंथा के असर से पिछले चार दिनों से घने बादल छाए हुए हैं।
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मोन्था चक्रवात के असर से पिछले एक सप्ताह से सरगुजा में बादल छाए हुए थे। मंगलवार को सरगुजा संभाग मुख्यालय समेत कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई थी। बुधवार को संभाग में छिटपुट बारिश हुई। वहीं गुरुवार शाम से संभाग के अधिकांश इलाकों में बारिश शुरू हुई और सुबह तक बारिश जारी रही।

धान की फसल को नुकसान की आशंका
शनिवार को भी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, मोन्था के असर से शुक्रवार को अधिकांश स्थानों पर बारिश होती रहेगी। शनिवार को भी संभाग में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। रविवार से बारिश बंद होने का पूर्वानुमान है। रविवार से बादल छंटने लगेंगे।
मोन्था के असर से बादल छाए रहने एवं बारिश के कारण संभाग में अधिकतम तापमान गिरा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री दर्ज किया गया है। बादल छंटने के साथ ही सरगुजा में तेजी से तापमान में गिरावट के आसार हैं।
धान की फसल को नुकसान सरगुजा संभाग में इस साल औसत से अधिक बारिश हुई है। पूरे संभाग में धान की फसल पक कर तैयार है। बारिश के कारण पक चुकी धान की फसल को नुकसान की आशंका है। कृषि अधिकारियों के अनुसार, जो फसल खड़ी है, उन्हें अभी सूखने में समय लगेगा। धान के गीले होने के कारण नुकसान की आशंका बनी हुई है। जल्दी मौसम खुल जाएगा तो नुकसान कम होगा।
वहीं सरसों और आलू की फसल को बारिश से फायदा होगा। हालांकि बारिश के कारण आलू की बोनी पर भी असर पड़ा है। जो किसान आलू नहीं लगा सके हैं, उन्हें मौसम के खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।
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