कोंडागांव जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से 3 नवंबर को सुपोषित जीवन अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान आदि कर्मयोगी अभियान के तहत स्थानीय बाजारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में शुरू हुआ।
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बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने मशाल रैली निकालकर अभियान की शुरुआत की। विधायक और कलेक्टर ने हाथों में दिया लेकर बाजारपारा से विकासनगर स्टेडियम तक पैदल रैली निकाली।
इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपोषण सखी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य जिलेभर में पोषण के प्रति जनजागरूकता फैलाना और कुपोषण उन्मूलन में जनसहभागिता सुनिश्चित करना था।

महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य पर दिया जोर
विधायक लता उसेंडी ने कहा कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का सवाल है। उन्होंने सभी से अपील की कि कोई भी बच्चा भूखा या कुपोषित न रहे, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सशक्त हो सके।
विधायक ने जिलेवासियों से कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके पोषण की जिम्मेदारी उठाने और समाज में सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने का आग्रह किया। उन्होंने महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य पर भी जोर दिया।
विधायक ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं को एनीमिया मुक्त करने के लिए भी सामूहिक प्रयास करने होंगे। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को पोषण प्रोग्रेस कार्ड दिए गए।

ग्रामीण महिलाओं को पोषण सखी बनाया गया
जिलेभर में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सेवाभाव से कार्य करने की इच्छुक ग्रामीण महिलाओं को पोषण सखी बनाया गया है। ये पोषण सखियां घर-घर जाकर बच्चों और माताओं के पोषण की स्थिति की निगरानी करेंगी तथा जरूरतमंद परिवारों को पोषण आहार, परामर्श और सहायता उपलब्ध कराएंगी।
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि यह अभियान आदि कर्मयोगी अभियान के तहत शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी अधिकारियों की ओर से कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें सुपोषण स्तर में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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