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प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर को सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने से पहले ही रोक लिया गया। उन्हें एम्स के पास एक सामाजिक भवन में हाउस अरेस्ट करके रखा गया था। ननकीराम ने कहा कि अगर यही रवैया रहा तो अगली बार भाजपा सरकार
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जनता कह रही है कि अगली बार भाजपा को 15 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलेंगी। निजी फायदे के लिए एक कंपनी के साथ मिलीभगत करके मुआवजे के नाम पर डीएमएफ में करोड़ों रुपए की बंदरबांट की गई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि वाह! अमित शाह जी! वाह।
भाजपा आदिवासियों की आवाज को दबाना चाहती है। जिस वक्त देश के गृहमंत्री बस्तर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे हैं, ठीक उसी वक्त वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। प्रशासनिक दबाव के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने पर आदिवासी भाजपा नेताओं के साथ भाजपा सरकार का यह कृत्य निंदनीय है।
पूर्व गृहमंत्री ने जिला प्रशासन को दिया था पत्र : ननकीराम कंवर भ्रष्टाचार को लेकर कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि 4 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो वे रायपुर में धरने पर बैठेंगे। उन्होंने धरने को लेकर रायपुर जिला प्रशासन को भी पत्र दिया था। राज्य शासन ने कंवर के शिकायती पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच प्रतिवेदन मांगा है।
ननकीराम की मांगें क्या हैं:
रजगालार पंचायत में भेदभावपूर्ण कार्रवाई {पत्रकार के घर पर कार्रवाई क्यों की गई {40 हजार महिलाओं से ठगी मामले पर कार्रवाई नहीं {टोल प्लाजा में कलेक्टर की पत्नी के वाहन को बिना टोल रोके जाने पर दो युवकों को जेल भिजवाया गया {कारगिल योद्धा प्रेमचंद को धमकी और फर्जी मामले में फंसाने का प्रयास {डीएमएफ की करोड़ों की राशि मुआवजे के नाम पर बांटी गई { मालगांव-रलिया में 152 लोगों को बिना जमीन फर्जी मुआवजा
जानिए क्या है पूरा मामला ननकीराम ने आरोप लगाया है कि कोरबा में कलेक्टर हिटलरशाही तरीके से प्रशासन चला रहे हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के सैकड़ों गंभीर आरोप हैं। 40,000 स्व-सहायता समूह की महिलाओं से अरबों की ठगी, मालगांव और रलिया में फर्जी मुआवजे के नाम पर करोड़ों रुपए की अनियमितता जैसे मामलों में कलेक्टर की सीधी संलिप्तता है।
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