छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के रुद्री बैराज में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान टापू में फंसे लोगों को बोट से सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों ने खुद बोट में बैठकर स्थिति का जायजा लिया।
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मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों और विभागों के बीच समन्वय को परखना था। आपदा की घोषणा होते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हो गईं। जिला नगर सेनानी बैरक को राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर और भोजन वितरण केंद्र के रूप में तैयार किया गया।

राहत और बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन
लाइफ गार्ड टीम ने डूबते व्यक्ति को बचाने और स्थानीय सामग्री से राहत कार्य का प्रदर्शन किया। रायपुर से आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन जुड़कर गतिविधियों का निरीक्षण कर रहे थे। सिविल डिफेंस दल ने राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन उपचार का अभ्यास किया। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति की कार्ययोजना प्रस्तुत की। प्रशासन ने नागरिकों से आपदा के समय धैर्य रखने और निर्देशों का पालन करने की अपील की, जिससे जनहानि को कम किया जा सके।


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