कोंडागांव में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक काष्ठकला को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने कोंडागांव क्षेत्र के पांच प्रतिभाशाली बच्चों को 10-10 हजार रुपए की श्रेष्ठानुदान राशि स्वीकृत की है।
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यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप की अनुशंसा पर प्रशिक्षक शिवचरण साहू की ओर से चलाए जा रहे काष्ठकला प्रशिक्षण कार्य को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दी गई है। मडानार स्कूल में पदस्थ शिक्षक शिवचरण साहू इन बच्चों को औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ काष्ठकला (वुड क्राफ्ट) के पारंपरिक और आधुनिक हुनर में भी दक्ष बना रहे हैं।
काष्ठकला से होने वाली आय से बच्चे अपनी पाठ्यपुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री स्वयं खरीद रहे हैं। इससे उनमें आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की भावना विकसित हो रही है। इन छात्रों द्वारा बनाई गई काष्ठ शिल्पकृतियाँ देश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री तक भी पहुंच चुकी हैं, जहां से उन्हें सराहना मिली है।
यह पहल न केवल इन बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना रही है, बल्कि बस्तर अंचल की समृद्ध काष्ठकला परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। शिक्षक शिवचरण साहू का यह प्रयास शिक्षा और रोजगार को जोड़ने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

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