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दीपावली पर लाइटिंग से के लोड से ज्यादा पटाखों के कारण बिजली के तार और ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। इसे रहेंगे। इसके अलावा 9 पेट्रोलिंग पार्टियां भी तैनात रहेंगी, जो फाल्ट की सूचना पर मौके पर पहुंचेंगी और ठीक करेंगी। बिजली विभाग के अनुसार अभी बिजली की खपत प्रतिदिन औसत 30 मेगावाट है।
दीवाली में इसमें सिर्फ सिर्फ 2-3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। ये सामान्य बढ़ोतरी है क्योंकि गर्मी व कड़ाके की ठंड में लोड इससे ज्यादा होता है। लोड से ज्यादा खतरा तार और ट्रांसफार्मर के पास फूटने वाले पटाखों से रहता है। इसलिए विशेष तैयारी करनी पड़ती है। दिवाली पर ज्यादा आवाज करने वाले पटाखों फूटते हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा ऐसे पटाखों को प्रतिबंधित किया गया है। देर रात तक ऐसे पटाखे फूटते रहते हैं। इन पटाखों से ही लाइन में फाल्ट का खतरा उस समय बनता है, जब ये ट्रांसफार्मर के पास या फिर तार के नीचे फोड़े जाते हैं।
21 तक टीम रहेगी तैनात दीवाली में पूरी रात पटाखे फूटते रहते हैं, लेकिन अगले दिन भी धमक कम नहीं होती। इससे खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए बिजली विभाग ने अस्थायी कॉल सेंटरों दो दिन के लिए खोले हैं। सेंटर में 21 अक्टूबर की रात भी कर्मचारी तैनात रहेंगे।
^दीवाली पर लाइन में किसी प्रकार के अवरोध को दूर करने पूरी तैयारी कर ली गई है। पटाखों से ही ट्रांसफार्मर में आग व तार से टकराने से शॉर्ट सर्किट का खतरा ज्यादा रहता है। लोग तार के नीचे या ट्रांसफार्मर के पास आतिशबाजी करने से बचे। इससे समस्या नहीं आएगी। जेपी राजवाड़े, कार्यपालन यंत्री, विद्युत विभाग, अंबिकापुर
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