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प्रदेश के किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर के किसान मुख्यमंत्री निवास घेरने निकले। इसके पहले उन्होंने बूढ़ापारा स्थित पुराने धरना स्थल में प्रदर्शन और नारेबाजी की। भारतीय किसान संघ की अगुवाई में जुटे किसानों को सभी 9 प्रमुख मांगों से अवगत कर
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संघ ने धान खरीदी से जुड़ी विसंगतियों पर भी सरकार का ध्यान देने की अपील की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह व महामंत्री नवीन शेष ने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल की त्रुटियों को शीघ्र दूर करने, धान की राशि 3100 में बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 जोड़कर देने और खरीदी की अवधि 1 नवंबर से 15 फरवरी तक सुनिश्चित करना प्रमुख मांगें हैं। इसके अलावा धान की तौल में 40 किलो 700 ग्राम से अधिक नहीं लेने और यह नियम सभी समितियों में बैनर के माध्यम से स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की बात भी कही गई है।
कृषक उन्नति योजना में गन्ने को भी करें शामिल
संघ ने कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को शामिल करने, गन्ने का समर्थन मूल्य 500 प्रति क्विंटल तय करने और गन्ना किसानों की सभी लंबित राशि का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग की है। इसके अलावा, जैविक खेती के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान को राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रदान करने की अपेक्षा जताई गई है।
खाद की कालाबाजारी रोकना जरूरी
किसानों ने खाद की कालाबाजारी रोकने और सहकारी समितियों में भंडारण की ठोस व्यवस्था करने की आवश्यकता जताई है। सिंचाई सुविधा बढ़ाने की दिशा में प्रदेश में रकबा बढ़ाने की मांग रखी गई है। साथ ही दलहन-तिलहन की खेती पर 20,000 अनुदान दिए जाने, रबी सीजन में दलहन, तिलहन, मक्का और सूरजमुखी की खरीदी सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
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