सीजीएमएससी वेयरहाउस ने डायबिटीज में उपयोग होने वाले एक ड्रग की शिकायतों के बाद रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं, पिछले कुछ दिनों में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही दवाओं में से कई अमानक और नकली निकली हैं। इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने सरकार और स
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9 दवाइयां फेल, 1 नकली साबित
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की सितंबर 2025 की रिपोर्ट ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की 9 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल मिलीं, जबकि एक दवा पूरी तरह नकली निकली। मतलब साफ है — मरीजों को इलाज के नाम पर ऐसी दवाएं दी जा रही थीं जो उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती थीं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, CDSCO की इस राष्ट्रव्यापी जांच में देशभर से 112 दवाओं के नमूने अमानक पाए गए। इनमें से 52 की जांच केंद्रीय प्रयोगशालाओं में और 60 की राज्य प्रयोगशालाओं में हुई। छत्तीसगढ़ की ये दवाएं भी इन्हीं नमूनों में शामिल थीं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी अमानक दवाएं लंबे समय तक सेवन करने पर गंभीर दुष्प्रभाव छोड़ सकती हैं।

सीजीएमएससी की तरफ से जारी निर्देश
कांग्रेस का हमला – “मंत्री की भूमिका संदिग्ध”

डॉ. राकेश गुप्ता
कांग्रेस मेडिकल सेल के प्रमुख डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि सीजीएमएससी वेयरहाउस को मुख्यालय से 31 अक्टूबर को भेजे गए मेल में डायबिटीज की एक दवा को रोकने और जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सरकारी अस्पतालों में नकली दवाएं मिली हैं। इससे पहले भी कई शिकायतें हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
डॉ.राकेश गुप्ता ने कहा, आज सीजीएमएससी वेयरहाउस ने मुख्यालय के 31 अक्टूबर के एक मेल को संदर्भित करते हुए डायबिटीज में उपयोग होने वाले एक ड्रग की प्रारंभिक शिकायतों के बाद रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं, और उसे मुख्यालय में भेजने के आदेश दिए गए हैं,इससे पहले भी लगातार नकली दवाइयां सरकारी अस्पतालों में मिलती रही हैं, जिसके कारण गरीब मरीज दवाइयों को खाने में हिचक रहे हैं,जिस तरह से सरकारी अस्पतालों में नकली दवाइयां मिल रही हैं, स्वास्थ्य मंत्री का शर्मनाक बयान बताता है कि कहीं न कहीं स्वास्थ्य मंत्री संलिप्त हैं, उन्हें नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए
भाजपा का जवाब – “कार्रवाई जारी है”

देवलाल ठाकुर
वहीं भाजपा प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि नकली दवाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अगर किसी अस्पताल में लापरवाही या गड़बड़ी मिलती है, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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