मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी अकाउंट बनाकर शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले चार ठगों को पुलिस ने छापा मारकर पकड़ लिया है। आरोपी ओडिशा, गुजरात, बिलासपुर और रायपुर के रहने वाले हैं। ठगों ने रायपुर में दो जगहों पर फर्जी दफ्तर खोला था। आरोपियों ने अब तक 50
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पुलिस ने बताया कि मूलत: ओडिशा बलांगीर निवासी गज सिंह सुना (32) गिरोह का सरगना है। उसने भीखू सचदेव (32) निवासी द्वारका गुजरात, साहिल कौशिक (23) निवासी तखतपुर और हर्षित शर्मा (18) निवासी कटोरा तालाब के साथ मिलकर गिरोह बनाया। सभी पहले आगरा में एक साथ काम करते थे।
वहां से एक साल पहले ही रायपुर आकर ठगी करने लगे। आरोपियों ने रिश्तेदारों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और खुद उपयोग करने लगे। रिश्तेदारों को झांसा दिया कि उनके खातों में ज्यादा ट्रांजक्शन होने पर इनकम टैक्स का झंझट बढ़ जाता है। इसलिए उनके खाते का उपयोग कर रहे हैं। रिश्तेदारों ने भरोसे में आकर अपने नाम से खाते खुलवाए और सिम कार्ड खरीदकर दे दिए। इन्हीं खातों के जरिए आरोपी ठगी की रकम का लेनदेन करते थे।
चार खातों की जांच से फूटा गिरोह टीआई मनोज नायक ने बताया कि केंद्र सरकार की रिपोर्ट के आधार पर एचडीएफसी बैंक के 79 खाते और साउथ इंडियन बैंक के 17 खातों पर डीडी नगर और आजाद चौक थाना में केस दर्ज किया गया है। इन खातों का उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था।
इनमें से एचडीएफसी बैंक के तीन और साउथ इंडियन बैंक के एक खाते की जांच के दौरान खाताधारकों के बयान लिए गए। तभी चारों आरोपियों का सुराग मिला। इसके बाद छापेमारी की गई। पूछताछ में मैट्रिमोनियल साइट के जरिए की जा रही ठगी का खुलासा हुआ। पुलिस अब आधा दर्जन बैंकों के करीब 495 खातों की जांच कर रही है। इन खातों से देश के कई राज्यों में ठगी की गई है।
दो कमरों से चल रही थी फ्रॉड कंपनी गज सिंह और उसके साथियों ने डंगनिया में किराए का मकान लिया था। दो कमरे और एक हॉल वाले इस मकान में ठग जीवन जोड़ी और रॉयल रिश्ता नाम से फर्जी कंपनियां चला रहे थे। इन दोनों कंपनियों के नाम से वेबसाइट भी बनाई गई थी, जिसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों के रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया है। आरोपियों ने कटोरा तालाब में ई-रिश्ता नाम से एक और ऑफिस खोला था। तीनों जगह से आरोपी ठगी का काम संचालित कर रहे थे और यहीं से लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाते थे।
फर्जी प्रोफाइल से भेजते थे शादी का प्रस्ताव : आरोपियों ने कबूल किया है कि तीनों वेबसाइट पर 600 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया, उनकी पसंद और मांग के अनुसार पहले फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती है। सुंदर लड़के-लड़कियों की तस्वीरें लगाकर शादी के प्रस्ताव भेजे जाते हैं। फिर उनसे चैटिंग कर भरोसा जीतते और शादी का झांसा देकर ठगी करते थे। आरोपी गिफ्ट भेजने के नाम पर एपीके फाइल भेजते थे। इससे मोबाइल में सेंध लग जाती है।

सोशल इंजीनियरिंग के जरिए फंसाते हैं सोशल इंजीनियरिंग का कर रहे थे उपयोग मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर ठगी कोई नई बात नहीं है। ठग सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाते हैं। इन साइट्स पर प्रोफाइल को वेरिफाई करने की कोई विश्वसनीय प्रक्रिया नहीं होती।
इसलिए यह पहचानना मुश्किल है कि सामने वाला व्यक्ति असली है या फर्जी। ऐसे में किसी से चैट या मुलाकात के दौरान अपनी प्राइवेसी का ध्यान रखें। कोई फोटो, निजी जानकारी साझा न करें। डिमांड पर पैसे न दें, किसी लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से बचें। मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम एक्सपर्ट
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