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बढ़ी हुई बिजली दरों के विरोध में आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन किया। इसी क्रम में जांजगीर जिले के कचहरी चौक पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने एकत्र होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया।
प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली सरप्लस राज्य में आम जनता को महंगी बिजली देना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार निजी कंपनियों से मिलीभगत कर स्मार्ट मीटरों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली कर रही है। मिश्रा ने कहा कि सरकार का यह कदम जनता का शोषण और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। इस दौरान उन्होंने बताया कि धरना प्रदर्शन के माध्यम से एसडीएम जांजगीर के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिला अध्यक्ष डॉ. हेमंत कश्यप ने कहा कि बिजली वितरण कंपनी को घाटा बताकर दरें बढ़ाई गई हैं, जबकि असल में सरकार गलत आंकड़े पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ बिजली का निर्यात करने वाला राज्य है, तब आम जनता पर महंगी दरों का बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है। प्रदेश महिला विंग अध्यक्षा मिथिलेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार निजी उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली दरें बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लाइन लॉस 15-20 प्रतिशत बताती है, जबकि वास्तविक आंकड़ा 3 प्रतिशत से अधिक नहीं है। इसके बावजूद गरीब जनता पर भारी बोझ डाला जा रहा है, जबकि बड़े उद्योगपति और नेताओं से वसूली नहीं की जा रही।
जिला सचिव विनय गुप्ता ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने 3 जुलाई को भी बिजली दर वृद्धि के खिलाफ ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन सरकार ने आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस नहीं लेती, तो आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करेगी। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष परमेश्वर प्रसाद सांडे, ललित बघेल, परदेशी कश्यप, बीना पटेल, फिरतराम मनहर, ऋषि यादव, अविनाश सिंह, प्रेम नारायण पांडे, राजीव केडिया, प्रिंस, गणेश बिंद, संतोष, राजा कुर्रे उपस्थित रहे।
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