![]()
जांजगीर-चांपा में एक अधिकारी और ड्राइवर के बीच बातचीत का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन हरकत में आ गया है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने सभी जिला संयोजकों से अलग-अलग विभागों में अटैच किए गए ड्राइवरों और भृत्यों की जानकारी मांगी है। फेडरेशन का कहना है कि कई जिलों में कर्मचारियों को उनके मूल विभाग से हटाकर दूसरे कार्यालयों में लगाया जा रहा है। आरोप है कि कई जगह अफसरों के दबाव में ड्राइवर और भृत्यों का संलग्नीकरण किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को वेतन निकालने और दफ्तर के कामकाज में परेशानी हो रही है। “अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद भी नहीं लौट रहे कर्मचारी” फेडरेशन ने कहा कि कई मामलों में अधिकारी का ट्रांसफर हो जाने के बाद भी उनके साथ लगे कर्मचारी मूल विभाग में वापस नहीं भेजे जा रहे हैं। इससे विभागों में काम प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कमल वर्मा ने जिला संयोजकों से कहा है कि ऐसे कर्मचारियों की पूरी सूची जल्द भेजी जाए, ताकि इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाया जा सके। राज्यस्तरीय बैठक में उठेगा मामला फेडरेशन का कहना है कि लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों को लेकर जल्द ही राज्यस्तरीय बैठक में चर्चा की जाएगी। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों के बीच समन्वय और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट नीति जरूरी है।
<
