बिलासपुर में बाढ़ और केमिकल इंडस्ट्री में गैस रिसाव जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। डीआईजी होमगार्ड एलपी वर्मा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देश पर यह अभ्यास दो अलग-अलग स्थानों पर किया गया।
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छटघाट में अरपा नदी पर बाढ़ से बचाव का अभ्यास किया गया। एसडीआरएफ बिलासपुर और एनडीआरएफ कटक की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रैक्टिस की। टीमों ने एचडीपीई मोटर बोट, इंफ्लेटेबल रबर मोटर बोट और लाइफ जैकेट जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया।

एनटीपीसी में क्लोरीन गैस रिसाव पर मॉकड्रिल
एनटीपीसी परिसर में क्लोरीन गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति पर दूसरी मॉकड्रिल की गई। सीआईएसएफ, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने इसमें हिस्सा लिया। फायर ब्रिगेड ने वाटर कर्टेन बनाकर गैस के प्रभाव को कम करने का प्रदर्शन किया। बीए सेट से पीड़ितों को बचाने का अभ्यास भी किया गया।
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दीपांकुर नाथ ने इंसिडेंट कमांडर की भूमिका निभाई। डीएसपी भारती मरकाम और आईपीएस गगन कुमार आब्जर्वर के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में डीआईजी होमगार्ड एल.पी. वर्मा, एनडीआरएफ कमांडेंट डॉ. नवीन कुमार और आपदा राहत शाखा की नोडल अधिकारी रजनी भगत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।






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