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ग्राम पंचायत उपरवाह में दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ग्राम पंचायत उपरवाह सहित आसपास के किसान उपस्थित थे। कृषक प्रशिक्षण केंद्र रुआबांधा (दुर्ग) ने कृषि संबंधी जानकारी दी। कृषि सहायक संचालक प्रमोद गढ़ेवाल, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पल्लवी जोशी ने धान की फसल में लगने वाले बीमारियों के कारण बताया गया। जानकारी दी गई कि बीमारियां फैलने का मुख्य कारण जिसमें वैज्ञानिक करण के तहत बीज उपचारित नहीं होना, बीज से, मिट्टी से व हवा से फैलता है। बीजोपचार अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
धान बुआई से 30 दिन पूर्व प्रति 100 किलो में 300 ग्राम कारबेंडाजीम ता बावेस्टिन पाउडर मिलाकर करना चाहिए। प्रमाणित बीज तैयार करने का सही समय अप्रैल, मई है। 17 प्रतिशत नमक से भी बीजोपचार करना चाहिए। उक्त विधियों से किसान अपने घर में ही प्रमाणित बीज तैयार कर सकते हैं, बाजार से महंगे दाम में खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जरूरत के हिसाब से उचित मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग करना चाहिए। अधिक खाद छिड़काव करने से फसल में बीमारियां व कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है। दलहन जैसे चना, मसूर, गेहूं, तिलहन की फसलों में लगने वाले रोगों व कीट प्रकोप का कारण, निदान की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लवंगिक तिवारी व किसान उपस्थित थे। इस दौरान किसानों ने फसल में लगने वाले कीटों व बीमारियों के कारण व उपचार के बारे में सवाल जवाब किया। आवश्यक जानकारी भी दी।
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