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दंतेवाड़ा जिले के बचेली शहर में सरकारी शराब दुकान में 1.69 करोड़ रुपए का गबन सामने आया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। इसमें आबकारी दारोगा अजय शर्मा भी शामिल हैं। पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है, इसके पहले दैनिक भास्कर खुलासा
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बचेली की जिस दुकान में गड़बड़ी पकड़ी गई है, वहां रोज एक लाख रुपए प्लेसमेंट कंपनी और आबकारी इंस्पेक्टर मिलकर बांट लिया करते थे। शराब बिकने के बाद सरकारी रिकॉर्ड में हिसाब-किताब ठीक रहे, इसके लिए बोतल पर लगे होलोग्राम की फोटो खींच लेते।
जब हर महीने ऑडिटर आता था, उसे होलोग्राम की फोटो स्कैन करवाकर सर्वर में रिकॉर्ड मेंटेन कर दिया जाता था। अगर कोई कैश नहीं देता था, तो अपने खाते का क्यूआर दे देते। इनका साजिश 5 करोड़ का गबन कर दुकान में आग लगाने की थी। इससे सबूत बचता ही नहीं। बता दें कि मार्च में महासमुंद की दुकान में सेल्समैन ने ही आग लगा दी थी।
पुलिस से पहले भास्कर बता रहा- रोज 1 लाख करते थे पार
होना ये चाहिए था
- शराब की दुकान में कोई भी बोतल बेचने से पहले उसका होलोग्राम स्कैन किया जाता है।
- इससे आबकारी विभाग को पता चलता है कि दुकान में किस ब्रांड की कितनी शराब का स्टॉक है।
- हर सप्ताह इंस्पेक्टर को दुकान में जाकर एक-एक बोतल गिनना और रिकॉर्ड चेक करना होता है।
- हर महीने ऑडिटर को जाकर एक-एक होलोग्राम स्कैन करने की जिम्मेदारी है।
- यह रिकॉर्ड सर्वर पर आ जाता है। इससे ही पैसों और बिक्री का मिलान होता है।
और गबन के लिए ये किया गया
- इंस्पेक्टर के संरक्षण में ही गबन की साजिश चल रही थी। वह दुकान की जांच कभी करता ही नहीं था।
- शराब-बीयर के तय दाम से ज्यादा वसूले जाते थे, शिकायत पर इंस्पेक्टर दबा देता।
- शराब बेचकर पैसे खुद रख लेते। रिकॉर्ड मेंटेन करने होलोग्राम की फोटो रख लेते।
- जब ऑडिटर आता तो होलोग्राम की फोटो स्कैन करवा देते थे। इस तरह बिक चुकी शराब भी स्टॉक में बनी रहती थी।
- हर दुकान का इंश्योरेंस है। इसलिए दुकान में आग लगती तो सरकार को नुकसान नहीं होता और गबन सामने नहीं आता।
आबकारी इंस्पेक्टर तीसरे-चौथे दिन एक लाख ले आता आबकारी इंस्पेक्टर अजय शर्मा हर तीसरे-चौथे दिन एक लाख रुपए दुकान से ले आता था। उसके बेटे को सात लाख रुपए भेजे जाने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। प्लेसमेंट कंपनी रक्षक सिक्योरिटी के जिला कोआर्डिनेटर अंकित तिवारी भी 5 से 7% तक कमीशन लेता था। उसकी मदद सुपरवाइजर दीपक करता था।
जब इस खेल के बारे में कंपनी को पता चला तो उसने भी जांच करने के लिए अपनी टीम को भेजा। लेकिन अजय ने उन्हें दुकान में घुसने ही नहीं दिया। जब पुलिस ने मामले को पकड़ा तो प्लेसमेंट कर्मचारियों ने तत्काल 18 लाख रुपए कैश रख दिया। उन्होंने 1.51 करोड़ के गबन की बात स्वीकार कर ली है।
पहले भी पकड़ में आ चुका है ऐसा खेल 2 महीने पहले रायपुर के लालपुर दुकान में बोतलों को बेच दिया जाता था। रिकॉर्ड मेंटेन करने होलोग्राम की फोटो खींच लेते थे। फिर मिलावटी शराब बेचते समय उसे स्कैन कर देते थे। प्लेसमेंट कंपनी बॉम्बे इंटीग्रटेड सर्विसेस पर प्रति नग 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था।
महासमुंद में तुमाडबरी शराब की दुकान जल गई थी। जांच में सामने आया कि आग सेल्समैन चेतेश्वर साहू ने लगाई थी। उसने कबूल किया कि 17.65 लाख का गबन किया था। इसे छुपाने रिश्तेदार को 60 हजार देकर आग लगवा दी।
इंस्पेक्टर पर FIR कराई बचेली में गबन को लेकर पहली बार आबकारी विभाग ने इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर कराई है। अब गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। जितना गबन हुआ, उसकी भरपाई प्लेसमेंट कंपनी को करनी होगी। सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं होने देंगे। – लखनलाल देवांगन, आबकारी मंत्री
रिकॉर्ड गड़बड़ मिला बचेली सरकारी शराब दुकान में हुए गबन की जांच चल रही है। आबकारी इंस्पेक्टर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दुकान में शराब और पैसों का रिकॉर्ड सही नहीं मिला है। तहकीकत जारी है। – गौरव राय, एसपी, दंतेवाड़ा
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