![]()
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने ग्राम भिट्टीकला में करोड़ों रुपए की जमीन फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने के मामले में FIR दर्ज कराने का निर्देश अंबिकापुर तहसीलदार को दिया है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी थी। जमीन दलालों ने 24 डिसमिल जमीन का सौदा कर महिला के नाम दर्ज 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली थी। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर ब्लॉक के भिट्ठीकला निवासी सावित्री यादव ने ग्रामीणों के साथ 18 मई को कलेक्टोरेट पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे 24 डिसमिल जमीन का सौदा कर दलालों ने रायपुर निवासी पुष्प अग्रवाल पति अनिल अग्रवाल के नाम पर 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा दी है। फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने की जानकारी उन्हें नामांतरण के बाद मिली। शिकायत में कहा गया है कि खरीदार पुष्पा अग्रवाल, सागर विश्वकर्मा, डोमन राजवाड़े, जीतन विश्वकर्मा, आशीष उर्फ बाबा ने धोखाधड़ी कर पूरी जमीन की रजिस्ट्री करा ली है। SDM की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा
शिकायत के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने भिट्ठीकला की भूमि खसरा क्रमांक 782, 783 और 790 रकबा कुल 1.271 एकड़ के खरीद-ब्रिकी पर आगामी आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी। कलेक्टर ने मामले में अंबिकापुर एसडीएम को जांच का आदेश दिया था। अंबिकापुर एसडीएम ने जांच में बताया है कि पटवारी ने 24 डिसमिल जमीन की चौहद्दी बिक्री के लिए बनाई थी। यह चौहद्दी रजिस्ट्री दस्तावेज में नहीं लगाई गई है। जमीन दलालों ने सावित्री देवी के फर्जी हस्ताक्षर से नई चौहद्दी बना ली, जिसमें पूरी जमीन की बिक्री के लिए तैयार किया गया है। उस फर्जी चौहद्दी में सावित्री यादव का हस्ताक्षर भी वास्तविक हस्ताक्षर से अलग है। मामले में उप पंजीयक और दस्तावेज लेखक की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। कलेक्टर ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश
मामले में SDM की जांच के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने अंबिकापुर तहसीलदार को मामले में छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने मामले में अनावेदिका पुष्पा अग्रवाल निवासी रायपुर, सागर विश्वकर्मा, डोमन राजवाड़े, जीतन विश्वकर्मा, दस्तावेज लेखक आशीष उर्फ बाबा व कमर कादरी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। मामले में सुलहनामे की भी कोशिश
मामले में शिकायत के बाद जिला पंजीयक विवेक कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को कार्यालय में बुलाकर सुलहनामें की भी कोशिश की थी। सावित्री यादव के बेटे आनंद यादव ने बताया कि राजस्व अधिकारियों ने मामले में एक करोड़ 60 लाख रुपये लेकर सुलहनामा करने का भी दबाव बनाया था, लेकिन वे अपनी बची जमीन नहीं देना चाहते थे।
<
