छत्तीसगढ़ के धमतरी में मां अंगारमोती मंदिर के पास एक हाथी का विचरण जारी है। नवरात्र पर्व के दौरान भी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हाथी की मौजूदगी से भक्तों में भय और आस्था का मिला-जुला माहौल है।
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गंगरेल बांध क्षेत्र में पिछले 20 दिनों से अधिक समय से एक दंतैल हाथी घूम रहा है। इसी क्षेत्र में मां अंगारमोती मंदिर भी स्थित है, जहां दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर ट्रस्ट लगातार श्रद्धालुओं को गंगरेल मार्ग से ही आने-जाने की सलाह दे रहा है।
वन विभाग ने भी मंदिर के आसपास बैनर-पोस्टर लगाकर भक्तों को सतर्क रहने को कहा है। क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों की सुरक्षा के लिए 20 स्वयंसेवकों को तैनात किया है। ये स्वयंसेवक मशाल लेकर भक्तों को सुरक्षित मार्ग से निकालने में मदद करते हैं।

देवी दर्शन करने पधारे हैं गजराज- भक्त
ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन लाल मराई ने बताया कि एक बार हाथी मंदिर के गेट तक आया, माता को ‘प्रणाम’ किया, दो बार हुंकार भरी और फिर चला गया। वहीं, श्रद्धालुओं का मानना है कि हाथी भगवान गणेश का स्वरूप ‘गजराज’ है। कई भक्तों का कहना है कि गजराज स्वयं मां अंगारमोती के दर्शन के लिए पधारे हैं। सुबह-सुबह हाथी को मंदिर के पास देखा गया था।

पुजारी ने कही ये बातें
मां अंगारमोती मंदिर के पुजारी तुकाराम मरकाम ने बताया कि नवरात्र में गजराज का मंदिर परिसर के आसपास विचरण हो रहा है। यह माता का आशीर्वाद है कि अब तक किसी भी दर्शनार्थी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। लाखों भक्त दर्शन के लिए आ रहे हैं और उन्हें लगातार सुरक्षित रहने की चेतावनी दी जा रही है।

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