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शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोगियाकला में बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर मिसाइल मैन के जीवन और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद शिक्षक नरेश कुमार नागवंशी ने उनके जीवन परिचय से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। बचपन में आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अखबार और इमली बेचकर अपनी पढ़ाई जारी रखी। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश के शीर्ष वैज्ञानिक बने। नागवंशी ने कहा कि डॉ. कलाम ने मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाई दी और वे करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत बने। कार्यक्रम में प्राचार्य सीवी वर्मा और प्रधान पाठक एमएल साहू ने कहा कि हमें डॉ. कलाम के जीवन से दृढ़ निश्चय, मेहनत और सादगी जैसी गुणों को अपनाना चाहिए। छात्र-छात्राओं ने कलाम के जीवन प्रसंगों को गंभीरता से सुना और उनसे प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना रहा।
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