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बलरामपुर जिले के रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित मां महामाया मंदिर में 60 वर्षीय दिव्यांग भोला सिंह पिछले 22 सालों से निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। वह रोजाना 15 किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंचते हैं और अपनी सेवाएं देते हैं।
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चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान, वह नौ दिनों तक केवल चाय पर रहते हैं, फिर भी उनके सेवा कार्य में कोई कमी नहीं आती। इन दिनों मंदिर में काम काफी बढ़ जाता है। उनकी भक्ति ऐसी है कि वह सुबह 3 बजे उठ जाते हैं और रात 12 बजे सोते हैं, पूरे समय मंदिर की सेवा में लगे रहते हैं।
बिना चप्पलों के ही पैदल मंदिर पहुंचते है
रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम चिनिया के निवासी भोला सिंह, पिछले 22 सालों से प्रतिदिन रामानुजगंज स्थित मां महामाया मंदिर में सेवा करने आते हैं। चिनिया से रामानुजगंज की दूरी 15 किलोमीटर है। यदि उन्हें कोई वाहन नहीं मिलता, तो वह बिना चप्पलों के पैदल ही मंदिर पहुंचते हैं।
22 सालों से कर रहे भरपूर सेवा
भोला सिंह बताते हैं कि यह मां महामाया का आशीर्वाद है कि वह 22 सालों से उनकी सेवा कर रहे हैं और पूर्णतः स्वस्थ हैं। मां के आशीर्वाद से उन्हें कभी कोई कमी महसूस नहीं हुई।
मां महामाया मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे ने बताया कि भोला सिंह प्रतिदिन अपने निर्धारित समय पर मंदिर में पहुंच जाते हैं एवं नियमित रूप से अपना सेवा कार्य करते हैं।
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