महासमुंद के रायपुर रोड स्थित बालाजी होटल की तीसरी मंजिल पर बुधवार की रात सिटी कोतवाली पुलिस ने जुआ खेलते हुए 18 लोगों को पकड़ा था। इस दौरान पुलिस ने होटल के जुआ फड़ से 7.64 लाख रुपए कैश, 10 वाहन और 19 मोबाइल जब्त किए थे।
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हालांकि, पुलिस ने होटल संचालक अजय नायडू को छोड़ दिया और पकड़े गए 18 जुआरियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2), 5 और बीएनएस 2023 की धारा 111, 112 के तहत केस दर्ज किया।
धारा 111 गैर-जमानती है, जिसके तहत आरोपियों को सीधे सेशन कोर्ट में पेश करना जरूरी होता है। लेकिन पुलिस ने इस कानूनी प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए 16 जुआरियों को थाने से ही छोड़ दिया, जबकि केवल दो जुआरियों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।

एडवोकेट ने कहा कि थाने से छोड़ना अनुचित है।
सूर्यकांत तिवारी के करीबी का होटल
जानकारी के अनुसार, जिस होटल में जुआ चल रहा था, वह कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के करीबी अजय नायडू का बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस ने होटल संचालक और गैर-जमानती आरोपियों को छोड़ देने से राजनीतिक दबाव और पक्षपात की चर्चाएं तेज हो गई है।
पांच महीने पहले पिथौरा में हुई थी सख्त कार्रवाई
इसी तरह का 30 जून 2025 को पुलिस ने पिथौरा के उजाला पैलेस से 26 जुआरियों को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 5 और बीएनएस की धारा 3(5), 111, 112 के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने तब 6 जुआरियों को छोड़कर 20 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। उजाला पैलेस से पुलिस ने 5.30 लाख रुपए, 9 चारपहिया वाहन और 7 बाइक जब्त किए थे। उस समय पुलिस की कार्रवाई को सख्त और निष्पक्ष माना गया था।

एसपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
थाने से छोड़ना अनुचित- एडवोकेट
इस मामले में एडवोकेट सुमीत सिंह ढोल्लो का कहना है कि बीएनएस की धारा 111 और 112 गैर-जमानती हैं। यह संगठित अपराध के लिए लगाई जाती हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस को आरोपियों को थाने से छोड़ने का अधिकार नहीं है। उन्हें कोर्ट में पेश करना जरूरी है। थाने से छोड़ना पूरी तरह अनुचित है।
एसपी ने कहा-जांच जारी है
इस मामले में एसपी आशुतोष सिंह ने कहा कि एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जांच जारी है। हर पहलू पर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी। होटल संचालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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