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गन्ना किसानों की लंबित समस्याओं और भुगतान को लेकर समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ ने कलेक्टर गोपाल वर्मा को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला अध्यक्ष सोनी वर्मा ने बताया कि जिले के किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं मिला है।
संघ ने बताया कि हर साल दोनों शक्कर कारखानों की ओर से शेयरधारी किसानों को 50 किलो शक्कर कम दर पर दी जाती है। पिछले वर्ष अक्टूबर में किसानों को 50 किलो शक्कर 1250 रुपए में उपलब्ध कराई गई थी, जिससे किसानों को काफी राहत मिली थी। लेकिन इस वर्ष अभी तक किसी भी कारखाने ने शक्कर वितरण के निर्देश जारी नहीं किए हैं, जबकि अगले माह से गन्ना खरीदी सीजन शुरू होने वाला है। किसानों ने मांग की है कि कारखानों को शीघ्र शक्कर वितरण करने के निर्देश दिए जाएं। किसानों ने बताया कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना पंडरिया में पिछले वर्ष गन्ना बेचने के बाद भी अब तक करीब 9 करोड़ रुपए का मूल भुगतान लंबित है। किसान राजाराम वर्मा, उमेश वर्मा और किरण वर्मा ने बताया कि भुगतान के लिए कई बार आंदोलन किया गया, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इसके साथ ही गन्ना बोनस और रिकवरी राशि भी अभी तक किसानों को नहीं मिली है।
खेती में बढ़ा खर्च, मांगा प्रति क्विंटल 100 बोनस किसानों ने कलेक्टर से आग्रह किया कि गन्ना उत्पादन लागत में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। श्रम, परिवहन, खाद, बीज और पानी की लागत बढ़ने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इसलिए कारखाने में गन्ना बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपए बोनस दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। इसके अलावा संघ ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित धान के समर्थन मूल्य में 185 रुपए की वृद्धि को किसानों तक पहुंचाने और वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की चौथी किस्त शीघ्र जारी करने की भी मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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