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बलरामपुर वनमंडल में 4 जून 2026 को 3.851 हेक्टेयर वनभूमि से अतिक्रमण हटाया गया। यह कार्रवाई वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने धमनी वन परिक्षेत्र के नवाडीह उप परिक्षेत्र, बीट अन्नपारा, ग्राम गाजर में की। इस क्षेत्र में कुल 34 अतिक्रमण के मामले दर्ज थे। माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामलों को छोड़कर, शेष 31 प्रकरणों में बने अवैध मकानों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई से कुल 3.851 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमण मुक्त हुई। बेदखली की कार्रवाई से पहले वन विभाग ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया था। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 80(क) के तहत बलरामपुर के वनमंडलाधिकारी ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया था। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण न हटाए जाने पर यह बेदखली की कार्रवाई की गई। वन विभाग ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस वनभूमि पर आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भाग लेंगे और वृक्षारोपण किया जाएगा। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान रामानुजगंज के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और (पुलिस), वाड्रफनगर के उप वनमंडलाधिकारी (वन), रामानुजगंज और रामचंद्रपुर के तहसीलदार, धमनी, वाड्रफनगर, रघुनाथनगर, रामानुजगंज, बलरामपुर, चांदो, काष्ठागार के वन परिक्षेत्राधिकारी सहित वन विभाग के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, वन सुरक्षा श्रमिक, ग्राम गाजर के सरपंच, पंचगण और ग्रामीण मौजूद रहे। बलरामपुर के वनमंडलाधिकारी ने सभी वन अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वन अपराधों, अवैध अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध चराई और वन्य प्राणियों से संबंधित अपराधों के खिलाफ गंभीरता और सख्ती से लगातार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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