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रामानुजगंज में देसी मुर्गा की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि एनीकट के पास लगने वाला बाजार देसी मुर्गा की खरीदी-बिक्री का केंद्र बन गया है। पहले यह बाजार केवल रविवार को कुछ दुकानों के साथ साप्ताहिक रूप से लगता था, लेकिन अब वहां दर्जनों द
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रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान इस क्षेत्र में देसी मुर्गा खरीदने वालों की दिन भर भारी भीड़ देखी गई। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार, मुर्गे खरीदते नजर आए। बाजार में मुर्गे की कीमतें लगभग 500 से 600 रुपए प्रति किलोग्राम तक रहीं। दुकानदारों के अनुसार, ग्राहकों की मांग के अनुरूप कई वैराइटी के मुर्गे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
झारखंड से देसी मुर्गा खरीदने वालों की भीड़
यह बाजार रामानुजगंज से सटे झारखंड राज्य के गोदरमना गांव से भी जुड़ा हुआ है, जहां भी रविवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। दोनों स्थानों को जोड़ने वाला एनीकट एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे रविवार को हजारों लोग आवाजाही करते हैं। इस मार्ग के सक्रिय रहने से झारखंड से भी बड़ी संख्या में लोग देसी मुर्गा खरीदने आते हैं।
ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर सुविधा
इस बाजार के विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, मुर्गा खरीदने वाले ग्राहकों को अब दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योंकि उन्हें यहीं उचित दामों पर गुणवत्तापूर्ण देसी मुर्गा उपलब्ध हो रहा है।
दिनभर रही देसी मुर्गे की बिक्री
बाजार में दिन भर देसी मुर्गे की बिक्री जारी रही, जिसमें महावीरगंज, कनकनपुर, विजय नगर और मीतगई जैसे आसपास के कई गांवों से मुर्गे लाए गए। रामानुजगंज में यह नया व्यापारिक परिवर्तन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
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