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गुरुजी पहले शिक्षाकर्मी से पंचायत शिक्षक बने फिर शिक्षक एलबी बने। फिर भी लाखों शिक्षक एलबी संवर्ग की समस्या जस की तस बनी हुई है। उनको न तो पूर्ण वेतन मिल रहा है और न ही पेंशन का लाभ। इसके कारण शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रतिमाह हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं न्यायालय का हवाला देकर अनुभव से परिपूर्ण शिक्षक संवर्ग को बीएड की अनिवार्यता लागू कर पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है। इससे हजारों शिक्षक एलबी संवर्ग इस निर्णय से पदोन्नति से वंचित हो जाएंगे।
इस मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ छग के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत और प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें उन्होंने कहा कि एक तरफ शासन पूर्व सेवा अवधि की गणना कर, प्रथम नियुक्ति तिथि को आधार मानकर हजारों शिक्षक एलबी संवर्ग को पदोन्नति दिया है। वही जब शिक्षक एलबी संवर्ग जब पहले की सेवा अवधि के अनुसार क्रमोन्नति वेतनमान की मांग करते हैं, तो विभाग बार-बार कहता है कि शिक्षक एलबी संवर्ग पहले शासकीय कर्मचारी नहीं थे। उनके शासकीय सेवक की सुविधा 2018 संविलियन तिथि से माना जाएगा। 2023 में राजपत्र मे संशोधन कर विषय आधारित भर्ती व पदोन्नति बंद कर दी गई है। प्रतिनिधिमंडल में गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, सतीश टंडन, चंद्रशेखर रात्रे मौजूद थे।
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