धमतरी में धान खरीदी से पहले सहकारी समिति कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है, जिससे धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका है। प
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यह संभाग स्तरीय धरना प्रदर्शन धमतरी के गांधी मैदान में आयोजित किया गया था, जिसमें पांच जिलों के अध्यक्ष और सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। अपनी मांगों पर चर्चा के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा की और वहां मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों के विक्रेताओं को प्रति माह 3 हजार रुपए देना शामिल है। इसके अलावा, संविदा ऑपरेटरों को 6 माह के बजाय 12 माह का वेतन देकर नियमित करने और प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों को हर साल तीन-तीन लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान राशि प्रदान करने की मांग की गई है।

धान खरीदी का बहिष्कार करने की चेतावनी
एक ओर जहां मौसम में बदलाव के कारण किसान अपनी धान की कटाई के बाद जल्द से जल्द उसे बेचना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर सहकारी समिति कर्मचारी हर साल की तरह इस बार भी धान खरीदी से पहले अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उन्होंने सरकार को धान खरीदी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

11 नवंबर तक संभाग स्तरीय हड़ताल
समिति के सहायक कर्मचारियों को 50% विभाग की भर्ती में उम्र और योग्यता में शिथिलता देने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 3 नवंबर से 11 नवंबर तक संभाग स्तरीय हड़ताल की जाएगी, जिसके बाद 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। इससे धान खरीदी पूरी तरह प्रभावित होगी।
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