कोंडागांव में धान खरीदी में किसानों को हो रही परेशानियों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को किसानों का प्रदेश कहा जाता है और इसे धान का कटोरा भी कहते हैं, लेकिन जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से अन्नदाता किसान परेशान हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
मरकाम ने बताया कि एग्रीटेक के नाम पर किसानों के रकबे में कटौती की जा रही है। टोकन कटाने के लिए किसानों को कई दिनों तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे वे अपना धान बाजार में बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रकबा कटौती के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं और खरीदी केंद्रों पर लिमिट कम होने से भी किसान परेशान हैं।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष की चेतावनी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि घोष ने कहा कि किसान देश का आधार हैं। उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान धान उगाना जानते हैं, तो धनिया बोना भी अच्छे से जानते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान इसका जवाब जरूर देंगे। घोष ने किसानों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया और सुधार न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दोहराई।
कलेक्टर कार्यालय को लेकर आरोप
यह भी बताया गया कि जब किसान अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचते हैं, तो कलेक्टर महोदया उनसे ठीक ढंग से बात तक नहीं करतीं, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। जिले के विभिन्न लैम्पसों में किसानों के प्रदर्शन की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जो किसान हित में नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी ने इन किसान विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा की।

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