राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष थानेश्वर साहू ने बिरनपुर मामले में भाजपा नेताओं पर सांप्रदायिक कार्ड खेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने बिलासपुर जिला कांग्रेस भवन में एक पत्रकार वार्ता में सीबीआई की चार्जशीट का हवाला देते हुए कहा कि अब सब कुछ स्
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साहू ने तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव (वर्तमान उपमुख्यमंत्री) और विधायक ईश्वर साहू से इस्तीफे की मांग की, साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भड़काऊ भाषण देने के लिए माफी मांगने की सलाह दी।
साहू ने दावा किया कि सीबीआई की चार्जशीट की विवेचना से यह स्पष्ट होता है कि बिरनपुर की घटना दो बच्चों के बीच हुए झगड़े से शुरू हुई, जो बाद में दो परिवारों और फिर दो समुदायों के बीच विवाद में बदल गई। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपनी जांच में यह भी पाया कि इस घटना में कोई राजनीतिक षड्यंत्र नहीं था, बल्कि यह एक मामूली झगड़ा था जिसने हिंसक रूप ले लिया।

CBI की चार्जशीट से सच सामने आया: कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता ने कहा कि बिरनपुर मामले में सीबीआई की चार्जशीट से यह साफ हो गया है कि उस समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जो आरोप लगाए थे, वे झूठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से यह राजनीतिक साजिश रची थी।
साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उस समय घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग देकर राजनीतिक लाभ लेने का षड्यंत्र रचा था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने घटना के बाद वहां जाकर पूरे घटनाक्रम को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया, भड़काऊ भाषण दिए और उनके सामने ही आगजनी की गई।
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