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Home » Combination of two Chaturthi in Sharadiya Navratri | शारदीय नवरात्र में दो चतुर्थ का संयोग: दो दिन होगी मां कुष्मांडा की पूजा; मनेंद्रगढ़ के मंदिर प्रांगण में गरबा का आयोजन – Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur News
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Combination of two Chaturthi in Sharadiya Navratri | शारदीय नवरात्र में दो चतुर्थ का संयोग: दो दिन होगी मां कुष्मांडा की पूजा; मनेंद्रगढ़ के मंदिर प्रांगण में गरबा का आयोजन – Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur News

By adminSeptember 26, 2025No Comments2 Mins Read
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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। इस बार 9 साल बाद दो चतुर्थ तिथि का संयोग बना है। गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन मां कुष्मांडा देवी की पूजा की जा रही है।

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मनेन्द्रगढ़ के प्राचीन शीतला माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। परंपरा के अनुसार, भक्त सूर्योदय से पहले स्नान कर मां को लाल फूल और फल अर्पित कर रहे हैं।

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पंडित जी ने बताया पूजा का महत्व

श्रीराम मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश द्विवेदी के अनुसार, मां कुष्मांडा की पूजा से रोग, शोक और कष्ट दूर होते हैं। साथ ही धन, यश और आय में वृद्धि होती है। मां दुर्गा के इस चतुर्थ स्वरूप की उपासना से घर में सुख-समृद्धि आती है।

शास्त्रों में उल्लेख है कि मां कुष्मांडा सूर्य मंडल के भीतर निवास करती हैं। उनके शरीर की कांति सूर्य के समान तेजस्वी है। मां की आठ भुजाएं हैं, इसलिए उन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। उनके तेज से सभी दिशाएं प्रकाशमान रहती हैं।

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नवरात्र में मनेन्द्रगढ़ की रौनक

वहीं, जिले में शारदीय नवरात्र का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों में माता के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। पंडालों में माता के आगमन की तैयारियां चल रही हैं।

श्रीराम मंदिर प्रांगण में महिलाएं और बच्चे रोज शाम को एकत्रित होते हैं। वे सजधज कर माता की आराधना करते हैं। देवी गीतों पर गरबा करते हैं। कार्यक्रम का समापन आरती से होता है।नवरात्रि में गरबा और डांडिया का विशेष महत्व है।

मान्यता है कि डांडिया, देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए युद्ध का प्रतीक है। डांडिया में प्रयोग की जाने वाली छड़ी को माँ दुर्गा की तलवार माना जाता है। यह बुराई के विनाश का प्रतीक है। महिलाओं के विभिन्न समूह जगह-जगह गरबा का आयोजन कर रहे हैं।



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