Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » रामचरित मानस की चौपाई का उदाहरण देकर न्यायालय ने दुष्कर्मी चाचा ससुर को दे दी दस साल कठोर कारावास की सजा
अपराध

रामचरित मानस की चौपाई का उदाहरण देकर न्यायालय ने दुष्कर्मी चाचा ससुर को दे दी दस साल कठोर कारावास की सजा

By AdminAugust 31, 2025No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
0000
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

द ब्लेज ई न्यूज,जशपुरनगरः अनुज बधु भगिनी सुत नारी।
सुनु सठ कन्या सम ए चारी।।
इन्हहि कुचुकृत बिलोकइ जोई।
ताहि बधें कछु पाप न होई।।
भावार्थरू श्रीरामजी ने कहा – हे मूर्ख! सुन, छोटे भाई की स्त्री, बहन, पुत्र की स्त्री और कन्या दृ ये चारो समान हैं। इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित मानस की इन पंक्तियो के साथ जिला न्यायालय ने बहु के साथ दुष्कर्म के आरोपित चाचा ससुर को दस साल सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई हैं। जिला न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक अनुपम तिर्की ने बताया कि 13 अगस्त 2022 को पीड़िता ने पंडरापाठ में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 12 अगस्त को वह और उसकी बेटी घर में अकेले थे। पति काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। धान रोपाई के दौरान चोटिल हो जाने से वह अपने कमरे में आराम कर रही थी। अचानक उसके कमरे में आरोपित जो रिश्ते में उसका चाचा ससुर लगता है घुस आया और उससे दुष्कर्म करने लगा। पीड़िता ने स्वयं को बचाने के लिए शोर मचाया और उसकी बेटी भी घबरा कर शोर मचाते हुए सहायता के लिए बाहर दौड़ गई। कुछ देर में बेटी पड़ोसियों को लेकर वापस लौटी,तब पड़ोसियों ने उसे आरोपित के चुंगल से छुड़ाया था। पीड़िता की शिकायत पर बगीचा थाना में आरोपित के विरूद्व भारतीय दंड विधान की धारा 376,450 के अंर्तगत अपराध पंजिबद्व कर गिरफ्तार किया गया था। मामले में जांच पूरी कर बगीचा पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील और प्रस्तुत किये गए प्रमाणों के आधार पर अपर सेशन न्यायाधीश जनार्दन खरे की अदालत आरोपित को दोषी पाते हुए दस साल सश्रम कारावास और 2 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा ना करने पर आरोपित को एक साल साधारण कारावास की सजा अतिरिक्त भुगतनी पड़ेगी।
‘‘दुष्कर्म के मामले में आरोपित चाचा ससुर को न्यायाधीश जगदीश खरे की अदालत ने दोषी पाते हुए दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस निर्णय में न्यायालय में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्लोक का उदाहरण देते हुए इस तरह के घृणित अपराधों के लिए कठोरतम सजा का संदेश दिया है।’’
अनुपम तिर्की,लोक अभियोजक,जिला न्यायालय,जशपुर।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Admin

Related Posts

द ब्लेज विशेष शहर में खुलेगें पांच नए सरकारी राशन दुकान,शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर सरकार ने जिला प्रशासन को भेजा प्रस्ताव……….जानिये आपकों किस दुकान से मिलेगी राशन?

April 11, 2026

क्योंकि यमराज चेतावनी देकर नहीं आतें,इसलिए आप भी हो जाएं सावधान और नए साल में डाल लिजिये ये आदतें अन्यथा,सावधानी हटी और दुर्घटना………………

January 1, 2026

केरल मे मॉब लिंचिंग का शिकार हुआ छत्तीसगढ़ का मजदूर,बांग्लादेशी होने के संदेह मे पीट-पीट कर ले ली जान द

December 20, 2025

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

067681
Views Today : 17
Views Last 7 days : 922
Views Last 30 days : 3958
Total views : 88609
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.