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देव पब्लिक स्कूल किड्स सेक्शन, जशपुर के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा एक यादगार और आनंदमय वनभोज का आयोजन किया गया। इस वनभोज का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना था, ताकि वे प्रकृति के निकट रहकर सीखने और आनंद लेने का अवसर प्राप्त कर सकें।
आयोजन के दौरान बच्चों ने भरपूर मस्ती की और कई नए अनुभवों से रूबरू हुए। सुबह से ही बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चे अपने शिक्षकों के साथ निर्धारित स्थल के लिए बसों से रवाना हुए। बस यात्रा के दौरान बच्चों ने गीत गाए, ताली बजाई और हंसी-खुशी के साथ पूरे रास्ते चहकते नजर आए। यह यात्रा ही बच्चों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं थी। वनभोज स्थल पर पहुंचते ही बच्चों का स्वागत हरियाली, खुले वातावरण और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश ने किया। चारों ओर फैली हरियाली और ताजी हवा ने बच्चों के चेहरे पर खुशी की अलग ही चमक ला दी। प्रकृति के बीच पहुंचकर बच्चों में नई ऊर्जा और उत्सुकता देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से की गई, जिसके बाद बच्चों के लिए हल्के व्यायाम कराए गए ताकि वे तरोताजा और सक्रिय महसूस कर सकें। इसके पश्चात शिक्षिकाओं द्वारा बच्चों के लिए विभिन्न खेलों और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। रस्साकशी, गेंद खेल, दौड़ प्रतियोगिता, समूह नृत्य और संगीत से जुड़ी गतिविधियों में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इन खेलों के माध्यम से बच्चों में टीमवर्क, सहयोग, अनुशासन और आपसी तालमेल की भावना विकसित हुई।
बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास वनभोज के दौरान बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी विशेष प्रयास किया गया। शिक्षिकाओं ने बच्चों को पेड़-पौधों, फूलों और पक्षियों के बारे में सरल और रोचक शब्दों में जानकारी दी। उन्हें पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया तथा स्वच्छता बनाए रखने और प्रकृति से प्रेम करने की सीख दी गई। बच्चों ने खुले वातावरण में बैठकर भोजन किया, जो उनके लिए एक नया और आनंददायक अनुभव रहा। विद्यालय की डायरेक्टर सुनीता सिन्हा ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के वनभोज और शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ प्रकृति को समझते हैं और सामाजिक व्यवहार सीखते हैं।
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