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शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारगांव में ट्यूनिंग ऑफ स्कूल कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक झलक देखने को मिली। दीपावली पर्व पर स्कूल के बच्चों ने राउत नाचा और सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी। लगभग 100 छात्राओं ने आकर्षक पारंपरिक परिधान पहनकर सुआ नृत्य किया, वहीं बालकों ने राउत नाचा प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
बच्चों ने गांव में भ्रमण करते हुए प्राथमिक शाला मटिया, सरस्वती शिशु मंदिर मटिया, और प्राथमिक शाला कोसपातर सहित कई स्थानों पर नृत्य प्रदर्शन किया। ग्राम के प्रमुख दुकानों के सामने भी बच्चों के नृत्य को देखकर ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सराहना की। भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय कदम है। पालकों ने भी कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी संस्कृति के प्रति जुड़ाव महसूस करते हैं। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकनृत्यों में सुआ नृत्य आज भी ग्रामीण अंचलों में लोकप्रिय है, जिसमें महिलाएं बांस की टोकरी में धान और मिट्टी के बने सुआ (तोते) को रखकर गीत गाते और ताली बजाते हुए सामूहिक नृत्य करती हैं।
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