कोरबा में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के लिए ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ शुरू हो गया है। इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। होलिस्टिक एक्शन रिसर्च एंड डेवलपमेंट (HARD) संस्था
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केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के एक साल पूरे होने पर नई दिल्ली में इस ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ की शुरुआत की थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी परिस्थितियों को खत्म करना है जो बाल विवाह को बढ़ावा देती है।

स्टूडेंट्स संग टीचरों ने बाल विवाह का विरोध करने की शपथ ली
इसी अभियान के तहत कोरबा के साडा कन्या विद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने बाल विवाह न करने की शपथ ली। उन्हें यह भी समझाया गया कि बाल विवाह एक अपराध है, जिसे मिलकर खत्म करना आवश्यक है।
बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल विवाह से संबंधित संक्षिप्त जानकारी दी गई। उन्हें बाल विवाह से होने वाले नुकसान और पारिवारिक समस्याओं के बारे में विस्तार से समझाया गया।
HARD संस्था के 250 से अधिक सहयोगी संगठन देश भर में बाल विवाह उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में इस नेटवर्क ने देश में एक लाख से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं।
तीन चरणों में चलेगा ये अभियान
यह अभियान तीन चरणों में बांटा गया है, जिसका अंतिम चरण 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाप्त होगा। पहले चरण में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जाएगा।
दूसरे चरण में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों, बैंक्वेट हॉल, बैंड वालों और हलवाइयों जैसे विवाह सेवाएं प्रदान करने वालों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। तीसरे और अंतिम चरण में बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों, नगर पालिका के वार्डों और सामुदायिक स्तर पर भागीदारी और जिम्मेदारी को मजबूत किया जाएगा।
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