द ब्लेज ई न्यूज,जशपुरनगर : प्रस्तावित जशपुर मेडिकल काॉलेज अगले सत्र से शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। पचास सीटर वाली इस कॉलेज को मूर्त रूप देने के लिए रायपुर और अंबिकापुर की संयुक्त टीम का एक दौरा जशपुर का कर चुकी है। जून में यह कमेटी दूसरे निरीक्षण के लिए जशपुर आ सकती है। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के रहवासियों का मेडिकल कालेज का बरसों पुराना सपना अगले शिक्षा सत्र से साकार होगा। 50 सीटर मेडिकल कालेज के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने भवन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएमएचओ डा जीके जात्रा ने बताया कि फिलहाल जिले में 50 सीटर मेडिकल कालेज,50 सिटर नर्सिंग कालेज और फिजियोथेरेपी सेंटर का संचालन शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए पहली आवश्यकता सुविधायुक्त भवन की है। डा जात्रा ने बताया कि बीते दिनों टीम ने शहर के नजदीकी गांव गिरांग में स्थित पालीटेक्निक कालेज और डोेड़काचौरा स्थित है कौशल विकास केंद्र के भवन का निरीक्षण किया है।

हालांकि अभी इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उल्लेखनिय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार गठन के बाद प्रस्तुत किये गए सरकार की पहली ही बजट में मेडिकल कालेज शुरू करने की घोषणा करने के साथ इसके लिए बजट का प्रविधान भी कर दिया था। इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चराईडांड़ में जमीन का चिन्हाकांन की प्रक्रिया चल रही है।
यह है पूरी कार्य योजना
राज्य सरकार ने इन चार नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,224.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें प्रत्येक कॉलेज को लगभग 306.23 करोड़ रुपये मिलेंगे। प्रत्येक कॉलेज में एमबीबीएस की 50-50 सीटें निर्धारित की गई हैं। जशपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए 220 बेड वाले अस्पताल की आवश्यकता है, जिसे जिला अस्पताल के साथ संबद्ध किया जाएगा। इस अस्पताल में विभिन्न विभागों के लिए बेड की संख्या इस प्रकार होगी: जनरल मेडिसिन (50), जनरल सर्जरी (50), पीडियाट्रिक (25), ऑर्थोपेडिक्स (20), ऑब्स एंड गायनी (25), आईसीयू (20), ऑप्थेलमोलॉजी (10), ईएनटी (10), स्किन और साइकेट्री (5-5)।
‘पचास सीटर मेडिकल कालेज शुरू करने के लिए भवन निर्धारित करने की प्रक्रिया की जा रही है। बीते दिनों रायपुर व अंबिकापुर की टीम ने निरीक्षण किया था। अगले माह इसके फिर आने की संभावना है।’
डा जीके जात्रा,सीएमएचओ,जशपुर।
