Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Chhattisgarh Weather Update| Cold wave alert Surajpur Mainpat Amarkantak | छत्तीसगढ़ से सटे अमरकंटक में ओस की बूंदें जमीं: अगले 4 दिन ठंड और बढ़ेगी, 3° तक गिरेगा तापमान; हाइपोथर्मिया के मरीज बढ़े – Chhattisgarh News
Breaking News

Chhattisgarh Weather Update| Cold wave alert Surajpur Mainpat Amarkantak | छत्तीसगढ़ से सटे अमरकंटक में ओस की बूंदें जमीं: अगले 4 दिन ठंड और बढ़ेगी, 3° तक गिरेगा तापमान; हाइपोथर्मिया के मरीज बढ़े – Chhattisgarh News

By adminDecember 18, 2025No Comments8 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
comp 19 8 1766026266
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे अमरकंटक में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं।

प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। छत्तीसगढ़ से सटे अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं और हर तरफ बर्फ की चादर बिछी नजर आई। रामघाट, माई की बगिया, श्रीयंत्र मंदिर के पास भी ऐसा ही

.

मौसम विभाग की माने तो आज से अगले चार दिनों में ठंड और बढ़ेगी। 2 से 3 डिग्री तक तापमान गिर सकता है। तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

comp 11 15 1766027107

मौसम से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए…

अमरकंटक में रामघाट, माई की बगिया, श्रीयंत्र मंदिर सहित कई क्षेत्र में बर्फ की चादर बिछी नजर आई।

अमरकंटक में रामघाट, माई की बगिया, श्रीयंत्र मंदिर सहित कई क्षेत्र में बर्फ की चादर बिछी नजर आई।

रायगढ़ के छाल इलाके के बोजिया रोड में सुबह तक घना कोहरा छाया रहा।

रायगढ़ के छाल इलाके के बोजिया रोड में सुबह तक घना कोहरा छाया रहा।

सरगुजा संभाग के प्रतापपुर इलाके में सुबह तक धुंध छाई रही।

सरगुजा संभाग के प्रतापपुर इलाके में सुबह तक धुंध छाई रही।

सरगुजा के प्रतापपुर इलाके में सुबह धुंध के कारण विजिबिलिटी घटकर 20 मीटर रह गई।

सरगुजा के प्रतापपुर इलाके में सुबह धुंध के कारण विजिबिलिटी घटकर 20 मीटर रह गई।

क्यों ज्यादा बीमार पड़ रहे बच्चे?

बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।

NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले

डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।

मैनपाट में पैरावट में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई।

मैनपाट में पैरावट में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई।

सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 2 दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था।

सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 2 दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था।

दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर बना कारण

रायपुर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री रहा। दिन और रात के तापमान में करीब 17 डिग्री का अंतर लोगों को बीमार कर रहा है। इसका असर सिर्फ बच्चों पर ही नहीं, बल्कि युवा और बुजुर्गों पर भी दिखने लगा है।

OPD में मरीजों की भीड़

ठंड के चलते अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है।

GPM जिले में मध्यप्रदेश बॉर्डर से सटे धर्मपानी की पहाड़ी का नजारा।

GPM जिले में मध्यप्रदेश बॉर्डर से सटे धर्मपानी की पहाड़ी का नजारा।

पेंड्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

पेंड्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।

पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।

अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

f6uvcm 1764903672

रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया

रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके।

रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी

स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।

copy of small quote dainik bhaskar 2025 12 16t0123 1765828338
ls4jig 1765854577

मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ा

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में दिन का तापमान लगातार प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है।

वहीं सूरज ढलते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चों काे गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ताकि अचानक तापमान गिरने का असर तबीयत पर न पड़े।

rfeju9 1763087124

डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…

  • शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।
  • स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।
  • घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सके

पानी जमा न होने दें

  • कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी, बर्तन आदि में पानी जमा न रहने दें।
  • सप्ताह में कम से कम एक बार इन्हें साफ और सूखा करें।
  • नाली व ड्रेनेज सिस्टम खुला और साफ रखें।

शरीर को ढककर रखें

  • खासकर शाम के समय पूरी बांह के कपड़े और फुल पैंट पहनें।
  • बच्चों को भी हल्के लेकिन ढकने वाले कपड़े पहनाएं।

समय पर जांच और इलाज कराएं

  • यदि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
  • मलेरिया फैलने का आधार
  • तापमान 33-39°C (दिन में)
  • तापमान 14-19°C (रात में)

ऐसा तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। छत्तीसगढ़ में तापमान अभी इसी तरह का हो रखा है। यानी छत्तीसगढ़ में मलेरिया फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण/जंगल क्षेत्रों में।

2 तरह के मलेरिया का खतरा

  • प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर प्रकार का मलेरिया)
  • प्लास्मोडियम विवैक्स (सामान्य लेकिन बार-बार लौटने वाला मलेरिया) छत्तीसगढ़ में 11 नवंबर तक प्लास्मोडियम विवैक्स के बढ़ने का ही खतरा ज्यादा है। ऐसे में अपने आस-पास के इलाके में पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग करें। फुल स्लीव के कपड़े पहनें। बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।

इन राज्यों में भी जोखिम

  • पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि)
  • गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक
  • उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और छत्तीसगढ़ के कुछ जिले

सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करें

image 41 1763003207

गर्म पानी से भाप लेना फायदेमंद

अगर बंद नाक की समस्या है तो गर्म पानी से भाप लेना बेहद फायदेमंद है। भाप नाक के जरिए हमारे शरीर में जाकर गर्मी पैदा करती है। नाक में जमा म्यूकस भाप की गर्मी से ढीला हो जाता है, जिससे बंद नाक की समस्या दूर हो सकती है।

इसके लिए एक बाउल में गर्म पानी लें। फिर सिर को एक कॉटन टॉवेल से ओढ़ लें। इसके बाद बर्तन का ढक्कन हटाकर 5 से 10 मिनट तक भाप लें।

गले में खराश होने पर करें नमक-पानी के गरारे

आमतौर पर गले में खराश वायरस के कारण होती है। नमक-पानी के गरारे से इसमें राहत मिलती है। अगर सर्दी-खांसी ज्यादा है तो नमक-पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां भी मिला सकते हैं।

तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सर्दी-खांसी में काफी आराम पहुंचाते हैं। इसके लिए कम-से-कम एक कप गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच नमक घोलकर गरारे कर सकते हैं।

image2 1 1763003214

विटामिन C रिच डाइट लें

विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है। विटामिन C की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके लिए सर्दियों में विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे संतरा, नींबू, आंवला को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि वायरल इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है।

अदरक-तुलसी की चाय बेहद फायदेमंद

अदरक और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार हैं। इसकी चाय पीने से वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं।

इसके अलावा तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर में जमे कफ को बाहर निकलता है। साथ ही सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और गले की खराश में आराम दिलाता है।

image3 3 1763003223



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

जांजगीर-चांपा में शिक्षक-शिक्षिका का आपत्तिजनक वीडियो वायरल:खैरवार पारा स्कूल का मामला, डीईओ ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया

June 23, 2026

3 दिन में निगम ने वसूला 2.24 करोड़ का टैक्स:19 जून के मुकाबले 22 जून को बढ़ा कलेक्शन, 30 जून तक 6.25% छूट

June 23, 2026

चोरी के शक में युवक की पिटाई से मौत:मनेन्द्रगढ़ में तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए

June 23, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

075204
Views Today : 324
Views Last 7 days : 3168
Views Last 30 days : 9996
Total views : 104225
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.