Chhattisgarh School Protests | Students Demand Teacher Removal & Better Food

रायपुर1 घंटे पहले
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छत्तीसगढ़ में स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और टीचरों की कमी को लेकर छात्र-छात्राएं लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं टीचर नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित है, तो कहीं प्रिंसिपल और वार्डन पर दुर्व्यवहार के आरोप हैं।
खराब सड़क के विरोध में स्कूल का गेट बंद कर दिया गया, जिसके बाद बच्चे भी धरने पर बैठ गए। पिटाई और हॉस्टल में खराब भोजन की शिकायतों के बीच छात्रों और अभिभावकों ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
पिछले 1 महीने में कई जगह बच्चों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया। कई मामलों में बच्चों के साथ उनके पेरेंट्स भी प्रदर्शन में शामिल हुए और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। शिकायतों के बाद कुछ मामलों में जांच शुरू हुई, तो कहीं जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी की गई। इस रिपोर्ट में पढ़िए विरोध प्रदर्शन से जुड़े 7 केस…

दुर्ग में छात्र-छात्राओं ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया।
1. दुर्ग- टीचर की कमी को लेकर प्रदर्शन
दुर्ग जिले के ग्राम पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल में टीचर्स की कमी को लेकर स्कूली बच्चे सड़क पर उतर आए। 21 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान यातायात प्रभावित रहा।
बच्चों ने आरोप लगाया कि जिले में स्कूल में पर्याप्त टीचर नहीं हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में 9वीं से 12वीं तक की क्लास लगती है, पढ़ाने के लिए सिर्फ 5 टीचर है। विषयवार शिक्षक नहीं होने से उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने और पढ़ाई को लेकर चिंता बनी हुई है।


कोरबा में प्रिंसिपल और अधीक्षक को हटाने की मांग को लेकर कोरबा-कटघोरा मेन रोड पर चक्काजाम किया था।
2. कोरबा- शिकायत करने पर प्रिंसिपल डांटते हैं, हटाने की मांग
कोरबा के छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के बच्चे 2 बार प्रदर्शन कर चुके हैं। 13 अगस्त को फिर पढ़ाई छोड़कर छुरी पंचायत के सामने कोरबा-कटघोरा मेन रोड पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई।
उनकी मांग है कि प्रिंसिपल डॉ. अरसद अहमद अली और छात्रावास अधीक्षक को हटाया जाए। आरोप है कि शिकायत करने पर प्रिंसिपल डांटते हैं, वहीं हॉस्टल में मिलने वाले खाने की क्वालिटी भी खराब है। मूलभूत सुविधाओं की कमी है।


धमतरी में स्कूल गेट के सामने बारिश के बीच बच्चे 5 घंटे तक प्रदर्शन करते रहे।
3. धमतरी- शिक्षकों की कमी पर बारिश में प्रदर्शन
धमतरी जिले के बारना गांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में टीचर की कमी को लेकर बच्चों और पेरेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। 17 अगस्त को स्कूल में ताला लगाकर बच्चे धरने पर बैठ गए।
स्कूल गेट के सामने बारिश के बीच छाता और रेनकोट लेकर 5 घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने DEO, BEO गो बैक के नारे लगाए। बताया जा रहा है कि, स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक 175 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन उनके लिए केवल पांच टीचर उपलब्ध हैं।


सारंगढ़ में खराब सड़कों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए स्कूली बच्चे।
4. खराब सड़कों का विरोध, धरने पर बैठे स्कूली बच्चे
19 अगस्त को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम बालपुर में खराब सड़क के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, जिसमें उपसरपंच कैलाश राय भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया। सुबह स्कूल पहुंचे बच्चे गेट के सामने इंतजार करते रहे, जिसके बाद वे भी धरने पर बैठ गए। इस मामले में कार्रवाई भी हुई।
बिलाईगढ़ बीईओ की शिकायत पर पुलिस ने उपसरपंच के खिलाफ FIR दर्ज की। भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 221 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामला बालपुर के स्वामी आत्मानंद स्कूल का है।

दुर्ग जिले के ग्राम पतोरा स्थित सरकारी स्कूल में एक छात्र को कांटेदार डंडे से पीटने का आरोप है।
5. कांटेदार डंडे से पिटाई, हेडमास्टर को हटाने की मांग
1 महीने पहले दुर्ग जिले के ग्राम पतोरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की हेडमास्टर ममता शांडिल्य के खिलाफ बच्चों ने प्रदर्शन किया था। इसमें पेरेंट्स भी शामिल हुए। आरोप है कि एक छात्र को कांटेदार डंडे से पीटा गया, जिससे उसके हाथ में चोट आई।
सभी लोग जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचे और हेडमास्टर को सस्पेंड करने की मांग की थी। DEO ने जांच की बात कही है, हालांकि इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।



वॉर्डन को हटाने की मांग को लेकर स्कूली छात्राओं ने कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया था।
6. हॉस्टल वार्डन को हटाने हाईवे पर चक्काजाम
6 अगस्त को कोरबा जिले में स्कूली छात्राओं ने कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया था। सभी लड़कियां कस्तूरबा गांधी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती हैं। हॉस्टल वार्डन को हटाने की मांग को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया था। मामला बांगो थाना क्षेत्र का है।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि अधीक्षिका शारदा नेताम उनसे जबरन हाथ-पैर की मालिश कराती है। देर रात पूजा करती है। घंटी की आवाज से उन्हें परेशानी होती है। इसके साथ ही खराब और कच्चा खाना देने का आरोप लगाया। इन आरोपों की जांच के बाद शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए वार्डन को पद से हटा दिया था।

रायगढ़ में स्कूल की अव्यवस्थाओं के विरोध में पढ़ाई का बहिष्कार।
7. प्रिंसिपल स्कूल नहीं आते, विरोध में पढ़ाई का बहिष्कार
6 अगस्त को रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ स्थित लैलूंगा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने स्कूल की अव्यवस्थाओं के विरोध में पढ़ाई का बहिष्कार कर दिया था। उन्होंने स्कूल परिसर में प्रदर्शन करते हुए नाराजगी जताई।
छात्रों का आरोप है कि प्रिंसिपल नियमित रूप से स्कूल नहीं आते और अपनी सुविधा से आते-जाते हैं। उन्होंने हॉस्टल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
जेन-अल्फा प्रदर्शनों से निपटने उत्तरप्रदेश सरकार बना रही SOP
उत्तरप्रदेश में भी बच्चे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन रहे हैं। छोटे-छोटे मुद्दे जैसे स्कूल तक सड़क नहीं है। शिक्षकों की कमी है। मेस का खाना ठीक नहीं है। इसे लेकर यूपी सरकार एक विशेष SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार कर रही है। इसके 2 मकसद हैं-
- पहला- स्कूली छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में उनके मुद्दे ठीक से समझे जाएं। उनकी समस्याओं को मौके पर ही खत्म करके संतुष्ट किया जाए।
- दूसरा- ‘बच्चों के अधिकारों’ का खास ध्यान रखा जाए। किसी भी हाल में बच्चों पर बल प्रयोग न हो।
SOP में यह भी साफ किया जा रहा कि किसी भी स्थिति में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमे नहीं होंगे। जेन-जी तक सरकार की मजबूत पैठ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई ‘यूथ पॉलिसी’ लाने का ऐलान किया है। इसमें सरकार 4 बड़े कदम उठाने जा रही है-
1. युवा आयोग बनेगा- इसमें प्रशासनिक अधिकारियों के बजाए युवाओं और छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। वो अपनी समस्याओं, प्राथमिकताओं और नीतियों को सीधे सरकार के सामने रख सकेंगे।
2. रोजगार बढ़ाएंगे- सभी भर्ती आयोगों (UPPSC, UPSSSC, शिक्षा सेवा चयन आयोग) को रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट जल्दी जारी करने के लिए कहा गया है।
3. आउटसोर्स सेवा निगम भर्तियां करेगा- आयोग अगस्त महीने से काम शुरू करने लगेगा। दिसंबर से पहले 1 लाख नई भर्तियां होनी है, जिनमें जेन-जी को सबसे ज्यादा जॉब मिलेंगी। राज्य परिवर्तन आयोग में साइबर सुरक्षा निदेशक, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर और स्टेट डेटा अथॉरिटी से जुड़े पदों पर सीधी भर्तियों तेजी से होंगी।
4. हाईटेक सेक्टर्स में जॉब – एआई, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में 75 हजार सीधी जॉब दी जा रही है।
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