नया मरीन ड्राइव का लेकर जब नेता प्रतिपक्ष ने सवाल खडे़ किए तो महापौर ने उनका जवाब दिया
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम में 5 एजेंडा को लेकर सामान्य सभा की बैठक हुई। जिसमें नया शनि मंदिर से छठ घाट तक मरीन ड्राइव बनाने का प्रस्ताव समेत अन्य निर्माण को लेकर विपक्ष ने गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए। बावजूद इसके सदन में लाए गए एजेंडा को स्वीकृति
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नगर निगम के सभागार में सामान्य सभा की बैठक शुरू हुई। बैठक में 5 एजेंडा रखा गया था, जिसमें पहला एजेंडा नया शनि मंदिर से छठ घाट तक 29 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से नया मरिन ड्राइव विस्तार कार्य के लिए था।
इस एजेंडा को सबसे अधिक बिलो में काम लेने वाला फर्म मेसर्स संजय कुमार केडिया बाराद्वार का है। जब इसे सदन में लाया गया, तो नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने इस पर सवाल खडे़ कर दिए कि कोई फर्म 20 प्रतिशत बिलो में लेकर कैसे इस काम को गुणवत्ता पूर्वक कर सकता है।
इससे काम की गुणवत्ता सही नहीं होगी और जनता की राशि बर्बाद होगी। उनका समर्थन सदन में मौजूद अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने भी किया। बावजूद इसके उनकी आपात्ति को दरकिनार करते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई।

निगम के सामान्य सभा में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल करते हुए नेता प्रतिपक्ष
नामकरण को लेकर दी गई स्वीकृति वहीं सामान्य सभा में दूसरा एजेंडा नामकरण के प्रस्ताव को लेकर था। इसमें कोतरा रोड स्थित रामबाग के बगल वाली गली का नामकरण सुदर्शन मार्ग किए जाने का प्रस्ताव था।
भाजपा पार्षद शरद सराफ ने विस्तृत जानकारी देते हुए नामकरण का समर्थन किया। अन्य भाजपा के पार्षदों ने भी इसका समर्थन किया। ऐसे में इस एजेंडा की स्वीकृति सदन ने दी।

सामान्य सभा में मौजूद भाजपा के पार्षद, जो सदन की पूरी कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहे
नामकरण को निरस्त करने का प्रस्ताव नगर निगम के सामान्य सभा में तीसरा एजेंडा नामकरण को निरस्त करने का था। जिसमें बेलादुला स्थित केलो नदी के ऊपर निर्मित पुल का नामकरण सावित्री देवी जिंदल के नाम पर किया गया था।
साथ ही केवड़ाबाड़ी चौक से ढिमरापुर तक सड़क का नामकरण ओम प्रकाश जिंदल के नाम पर किया गया था। नामकरण करने के साथ ही इसका रखरखाव जिंदल कंपनी के द्वारा किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा था।
इसे लेकर निगम के द्वारा कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन जिंदल कंपनी के अधिकारियों ने रखरखाव नहीं किया। ऐसे में MIC ने उक्त नामकरण को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया और चर्चा के लिए सामान्य सभा में भेजा।
सामान्य सभा में प्रस्ताव आने पर सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी। नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया में कहा कि जिस समय नामकरण किया गया, उस समय किस नियम के तहत नामकरण किया गया था। उसे देखा जाए और उसके बाद कार्रवाई किया जाए।
चौथे और पांचवे प्रस्ताव को भी मिली स्वीकृति इसके अलावा नगर निगम चौथा प्रस्ताव एफसीआई के पास ऑक्सीजोन कम स्पोटर्स काॅम्पलेक्स निर्माण को लेकर था। जिस प्रस्ताव को लेकर भी स्वीकृति दे दी गई।
वहीं पांचवा प्रस्ताव GST रिफार्म लागू किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री व केंन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय व केन्द्रीय कार्यालय को प्रेषित किए जाने को लेकर था, जिसे भी सदन में स्वीकृति दी गई।
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