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कोरबा में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक और पूर्व सांसद रामचंद्र खूंटिया ने ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि नेताओं के बच्चों की शादी ‘लव जिहाद’ क्यों नहीं मानी ज
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पूर्व सांसद खूंटिया ने कहा कि कई ऐसे नेता हैं, जिनकी पार्टी के भीतर ही उनके बेटे-बेटियां शादी कर रहे हैं। लेकिन उन शादियों को ‘लव जिहाद’ नहीं कहा जाता। उन्होंने इस दोहरे मापदंड पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल गरीबों पर लागू होता है।
पूर्व सांसद रामचंद्र खूंटिया ने भाजपा और आरएसएस से उनके 100 साल के योगदान पर सवाल किया और पूछा कि उन्होंने देश के लिए क्या किया। पर्यवेक्षक ने भाजपा के इस दावे पर भी टिप्पणी की कि वे हिंदू धर्म के लिए काम कर रहे हैं।
‘वन कंट्री वन सिविल कोड’ की वकालत
पूर्व सांसद ने पूरे देश में ‘वन कंट्री वन सिविल कोड’ लागू करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि सभी के लिए समान वेतन और समान काम होना चाहिए, ताकि अमीर-गरीब का भेद खत्म हो। उन्होंने केरल, दिल्ली, मुंबई और छत्तीसगढ़ से लोगों के पलायन को इसी असमानता का परिणाम बताया।
कोरबा जिले की सड़कों की जर्जर स्थिति
खूंटिया ने कोरबा जिले की सड़कों की खराब हालत पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरबा एक औद्योगिक नगरी है और सरकार को यहां से लाखों-करोड़ों रुपए का राजस्व मिलता है, फिर भी सड़कें जर्जर हैं और लोग परेशान हैं।
मजदूरों की सुरक्षा और भविष्य पर चिंता
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए मजदूरों के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी। खूंटिया ने कहा कि अत्यधिक प्रदूषण और औद्योगिक संयंत्रों के कारण मजदूरों की जान खतरे में है। यदि 2030 तक आवश्यक सुधार नहीं हुए, तो प्रतिदिन 2 लाख मजदूरों की मौत की आशंका है।
पर्यवेक्षक ने कहा कि 8 मिलियन नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं, जिससे आय का भी नुकसान होगा। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में देश को एक नई दिशा देने की तैयारी कर रही है और पार्टी इसी दिशा में काम कर रही है।
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