कांकेर जिले के आश्रित ग्राम मुरडोडा में ग्रामीणों ने मंगलवार को सामूहिक श्रमदान कर गांव से गुजरने वाली चार किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क की मरम्मत की। यह सड़क बरसात के दौरान अत्यधिक खराब हो जाती है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। बरसाती पानी के कट
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ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क मुरडोडा और मरकाचुआ गांवों को ग्राम पीवी 73 से जोड़ती है। सड़क के दोनों छोर पर पक्की सड़कें होने के बावजूद, बीच का लगभग चार किलोमीटर का हिस्सा आज भी कच्चा है। बरसात के मौसम में यह सड़क कीचड़ में बदल जाती है, जिससे वाहनों का चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

श्रमदान कर सड़क सुधारने का किया काम
ग्रामीणों ने बताया कि वे सालों से इस सड़क को पक्का कराने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के विधायक और सांसद को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए श्रमदान कर सड़क सुधारने का काम किया। सड़क मरम्मत कार्य के लिए प्रत्येक घर से एक सदस्य की भागीदारी अनिवार्य की गई थी।
नहीं बनी पक्की सड़क तो करेंगे आंदोलन
इसके अलावा कई परिवारों से आर्थिक सहयोग भी लिया गया, जिसका उपयोग गड्ढे भरने के लिए किया गया। ग्रामीण ने बताया कि अगर बारिश के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की जाती, तो आए दिन हादसे होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस सड़क को पक्का करने की दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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