गरियाबंद जिले के मैनपुर में सरकारी आवास निर्माण के लिए रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टरों को जब्त करने और उन्हें छोड़ने के लिए कथित तौर पर 10 हजार रुपए मांगने के विरोध में ग्रामीणों ने पदयात्रा निकाली। ग्रामीणों ने मैनपुर जनपद कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के न
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जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम ने बोईरगांव पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रेत ढुलाई में लगे दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के लिए संपर्क करने पर एसडीएम के वाहन चालक ने 10 हजार रुपए की मांग की।

ज्ञापन सौंपकर रेत उपलब्ध कराने की मांग की गई।
10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा
यह भी आरोप है कि एसडीएम ने पैसे नहीं देने पर कार्रवाई कर फाइल खनिज विभाग भेजने की धमकी दी। जिससे नाराज बोईरगांव पंचायत के लगभग 60 से 70 ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकले।
एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी
वे बैनर लेकर मैनपुर एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जनपद कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि उनके पंचायत के 7 आश्रित ग्रामों में जन मन और पीएम आवास योजना के तहत 344 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।

मैनपुर जनपद कार्यालय पहुंचे ग्रामीण।
रेत उपलब्ध कराने की मांग
ट्राइबल ब्लॉक में कोई वैध रेत खदान नहीं होने के कारण ग्रामीण समीपस्थ नदी-नालों से रेत की आपूर्ति करते हैं। उन्होंने मांग की है कि या तो उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत मंजूर आवास निर्माण के लिए रेत उपलब्ध कराई जाए या फिर आवास पूर्ण करके दिए जाएं।
पंचायत इंस्पेक्टर ने दिया ये आश्वासन
जनपद सदस्य सुख चंद ध्रुव के नेतृत्व में निकाली गई इस पदयात्रा के बाद ग्रामीणों ने पंचायत इंस्पेक्टर राजकुमार ध्रुवा के समक्ष कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ध्रुवा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को विधिवत उच्च कार्यालय में अवगत करा दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने पंचायत इंस्पेक्टर को कलेक्टर ने नाम पर ज्ञापन सौंपा है।
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