छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई शुरू, उमस-गर्मी बढ़ी; इस सीजन सामान्य से करीब 5% ज्यादा बारिश

छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 3 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है। अगले 2-3 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी हो जाएगी। पिछले साल मानसून की विदाई अक्टूबर के मध्य के आसपास हुई थी, जबकि इस बार सितंबर से ही इसकी वापसी के संकेत मिलने लगे थे। हालांकि, सितंबर के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई थी। वहीं बारिश थमने के कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 34.6°C कोरबा में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.6°C पेण्ड्रा रोड में रहा। 3 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे तक कोरबा 34.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। राजनांदगांव में 34.5, जांजगीर-चांपा में 34.4, रायपुर में 34.2 और रायगढ़ में 34.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

प्रदेश में मानसून सीजन की औसत बारिश 1141.2 मिमी है। इस बार 1194.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी पूरे सीजन में सामान्य से करीब 4.7%, यानी लगभग 5% ज्यादा बारिश हुई। शुरुआत में बारिश की स्थिति कमजोर रही, लेकिन जुलाई से बारिश बढ़ी। जुलाई में सामान्य 375.5 मिमी के मुकाबले 494 मिमी बारिश हुई। अगस्त में 364.2 मिमी के मुकाबले 355.3 मिमी और सितंबर में सामान्य 208.9 मिमी के मुकाबले 279.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

जुलाई में 494 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 132% रही। अगस्त में 355.3 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 98% रही। सितंबर में 279.3 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से ज्यादा रही।

प्रदेश के 33 जिलों में से 9 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। इनमें सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, नारायणपुर, मुंगेली, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार और बलरामपुर शामिल हैं। वहीं सरगुजा में सामान्य से 41% कम बारिश हुई। जशपुर और बेमेतरा में 36% कम बारिश दर्ज की गई। बाकी जिलों में बारिश सामान्य रही।

इस मानसून सीजन में प्रदेश में दो बार बाढ़ जैसे हालात बने। 31 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बनी थी। इसके बाद सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात रहे। कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए और हजारों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा। राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैनात करना पड़ा। राजधानी रायपुर में भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।

मानसून की वापसी के साथ अब प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 4 अक्टूबर को किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले दो दिनों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रह सकता है।

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